पटना. जदयू ने भाजपा नेता सुशील मोदी को नीतीश सरकार में स्वास्थ्य मंत्री रहे नंदकिशोर यादव और अश्विनी कुमार चौबे के कार्यकाल की सीबीआई से जांच कराने की चुनौती दी है। गुरुवार को पार्टी के प्रवक्ता संजय सिंह और विधायक मंजीत कुमार सिंह ने प्रेस कांफ्रेंस में कहा दवा की खरीद में जो भी गड़बड़ी हुई है, सभी में भाजपा के नेताओं का हाथ है। वर्ष 2008 से 2013 के बीच राज्य में अधिकतर दवाओं की खरीद भाजपा शासित राज्यों से हुई।
जदयू नेताओं ने कहा कि दवा खरीद में 7 करोड़ की गड़बड़ी हुई लेकिन मामले को दबा दिया गया। नंदकिशोर ने खुद को बचाने के लिए दवा खरीद की फाइल गायब करा दी। इसी तरह चौबे के कार्यकाल में भी गड़बड़ी सामने आई लेकिन मंत्री ने कोई कार्रवाई नहीं की। अगर सुमो में साहस है तो वह नंदकिशोर और चौबे के कार्यकाल की सीबीआई से जांच कराएं। मंजीत ने कहा कि उन्होंने भाजपा के दोनों स्वास्थ्य मंत्रियों के कामकाज की निगरानी से जांच कराने की राज्य सरकार से मांग की है। बाद में जदयू प्रवक्ता ने कहा कि नंदकिशोर की भाजपा में बढ़ती ताकत से घबरा कर सुमो उन्हें फंसाना चाहते हैं। दरअसल सुमो का पार्टी में आधार और जनता के बीच आधार दोनों ही खिसक गया है। इसलिए वे खबरों में बने रहने के लिए झूठ की खेती और राजनीतिक नौटंकी करते हैं।