फोटो: बुधवार को शरद यादव के दिल्ली तुगलक रोड स्तिथ आवास पर बिहार से आये विधायकों ने चाय पार्टी का लुफ्त लिया फिर इसके बाद सभी राष्ट्रपति भवन पहुंचे।
पटना. राजभवन के फैसले पर नीतीश समर्थक विधायकों के प्रवासी रहने के ही आसार हैं। बुधवार को नीतीश कुमार ने जदयू, राजद, कांग्रेस, सीपीआई और निर्दलीय विधायक की दिल्ली में राष्ट्रपति के सामने परेड करा दी, लेकिन विधायक कब लौटेंगे, यह तय नहीं है। गुरुवार को पटना वापसी समेत दूसरी रणनीति पर विस्तार से चर्चा होगी। मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी को बहुमत साबित करने के लिए विधानसभा का विशेष सत्र आहूत होने तक विधायकों को ग्रेटर नोएडा के रेडिसन ब्लू और क्राउन प्लाजा में ही रखा जाए या उन्हें कहीं और शिफ्ट किया जाए, इस पर भी चर्चा होगी।
सूत्र बताते हैं कि एमएलसी के साथ नीतीश के विश्वस्त कुछ वैसे विधायक, जिन्हें मांझी सरकार में भी वरिष्ठ ओहदा हासिल था, उन्हें ही राज्य के हालात पर नजर रखने के लिए पटना लौटने की इजाजत मिलेगी। कई एमएलसी भी गुरुवार की रात तक पटना लौट सकते हैं। नीतीश खेमा विधायकों को मांझी खेमे के खुले ऑफर से सकते में है। यही वजह है कि पार्टी राज्यपाल के सामने सरकार बनाने का दावा पेश करने के बाद विधायकों को लेकर दिल्ली पहुंच गई।
विधायकों को व्यस्त रखने के लिए नीतीश कुमार के साथ उनकी बैठक तो होती ही रहेगी, साथ ही उन्हें सैर-सपाटा कराने की भी योजना है। नीतीश ने साथ गए विधायकों को कई बार भरोसा दिलाया है कि जिस तरीके से उनके पहले शासन में जनप्रतिनिधियों की बजाय अफसरों को तरजीह मिलती रही, वैसा इस बार नहीं होगा। विधायकों को क्षेत्र में विकास गतिविधियों में हस्तक्षेप की पूरी आजादी रहेगी।
नीतीश की तबीयत खराब
नीतीश कुमार की तबीयत थोड़ी खराब हो गई है। दिल्ली की ठंड से उन्हें जुकाम-खांसी हो गई है। कुमार गुरुवार को पटना लौट सकते हैं।