एनआईटी मणिपुर में फंसे बिहारी छात्रों ने सुरक्षा की लगाई गुहार। ऊपर देखें वीडियो...
पटना. एनआईटी मणिपुर में फंसे बिहारी छात्रों को सुरक्षित वापस लाने के लिए राज्य सरकार के दो अफसर मणिपुर भेजे गए हैं। निगरानी विभाग के प्रधान सचिव सी. लालसोता और स्पेशल ब्रांच के आईजी जितेन्द्र सिंह गंगवार को शीघ्र रवाना होने को कहा गया।
छात्रों की सुरक्षा खतरे में
गृह विभाग के प्रधान सचिव आमिर सुबहानी ने कहा कि मणिपुर एनआईटी में पढ़ रहे बिहार के छात्रों को कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उनकी सुरक्षा खतरे में है। दोनों अधिकारी मणिपुर प्रशासन के साथ समन्वय कर बिहार के छात्रों की सुरक्षा एवं उन्हें सुरक्षित वापस लाने में सहयोग करेंगे।
मणिपुर से छात्रों ने लगाई गुहार, हमें बचाइए सरकार
इधर, एनआईटी मणिपुर में स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है। एनआईटी मणिपुर में बीटेक की कुल 720 सीटें हैं, जिसमें 150 बिहारी छात्र पढ़ते हैं। वहां मौजूद छात्रों का कहना है कि वे यहां फंसे हुए हैं, लेकिन अभी तक कोई उनकी सुनने वाला नहीं है। कॉलेज प्रशासन का रवैया नकारात्मक है। उनकी ओर से सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं किए गए हैं।
चार दिनों से बिहारी छात्र हॉस्टल में फंसे हुए हैं और उन्हें बाहर नहीं निकलने दिया जा रहा है। कॉलेज प्रशासन हुड़दंगियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर सका है। लगातार पिटते-डरते एनआईटी मणिपुर के बिहारी छात्र बिहार सरकार से मदद की गुहार लगा चुके हैं, लेकिन यहां से कोई आधिकारिक कार्रवाई नहीं हुई।
पढ़ना तो दूर, खाना भी बंद
एनआईटी मणिपुर के हॉस्टल में पड़े छात्रों के हालात ये हैं कि जिस इंजीनियरिंग की पढ़ाई के लिए वे गए हैं, वो चार दिनों से बंद है। बिहारी छात्र कक्षाओं में जा पा रहे हैं और सेल्फ स्टडी कर पा रहे हैं। इसके अलावा खाने की भी दिक्कत हो गई है। छात्रों ने बताया कि हॉस्टल के मेस में भी खाने में डर लगा रहता है कि स्थानीय छात्र कहीं पीटने लगे।
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