फोटो: एनआईटी मणिपुर में सुरक्षा की गुहार लगाते बिहारी छात्र ।
पटना. एनआईटी मणिपुर में बिहारी छात्रों की सुरक्षा खतरे में पड़ता देख राज्य सरकार ने उनकी सुरक्षित बिहार वापसी की कार्रवाई तेज कर दी है। इसके मद्देनजर निगरानी विभाग के प्रधान सचिव सी.लालसोता और स्पेशल ब्रांच के आईजी जितेन्द्र सिंह गंगवार को मणिपुर के लिए रवाना किया गया है। दोनों अधिकारी वहां के स्थानीय अधिकारियों से समन्वय कर छात्रों की सुरक्षित बिहार वापसी सुनिश्चित करेंगे।
गृह विभाग के प्रधान सचिव आमिर सुबहानी ने कहा कि विभिन्न समाचार पत्रों के माध्यम से यह पता चला है कि मणिपुर एनआईटी में पढ़ रहे बिहार के छात्रों के साथ लगातार मारपीट की घटनाएं हो रहीं हैं। इसके कारण छात्रों की सुरक्षा खतरे में है और उन्हें अनेक तरह की कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। घटनाओं की गंभीरता को देखते हुए सरकार ने निगरानी विभाग के प्रधान सचिव और स्पेशल ब्रांच के आईजी को मणिपुर भेजा है। दोनों अधिकारी मणिपुर प्रशासन के साथ बिहार के छात्रों की सुरक्षा एवं उन्हें मणिपुर से सुरक्षित वापस भेजने के संबंध में आवश्यक समन्वय और सहयोग करेंगे।
इधर, एनआईटी मणिपुर में बिहारी छात्रों का कहना है कि वे यहां फंसे हुए हैं, लेकिन अभी तक कोई उनकी सुनने वाला नहीं है। कॉलेज प्रशासन का रवैया नकारात्मक है। उनकी ओर से सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं किए गए हैं। चार दिनों से बिहारी छात्र हॉस्टल में फंसे हुए हैं और उन्हें बाहर नहीं निकलने दिया जा रहा है। कॉलेज प्रशासन न हुड़दंगियों को रोक सका है और न ही उनके खिलाफ कार्रवाई कर सका है।
पढ़ना तो दूर खाना भी है बंद
एनआईटी मणिपुर के हॉस्टल में पड़े छात्रों के हालात ये हैं कि जिस इंजीनियरिंग की पढ़ाई के लिए वे गए हैं, वो चार दिनों से बंद है। न बिहारी छात्र कक्षाओं में जा पा रहे हैं और न सेल्फ स्टडी कर पा रहे हैं। इसके अलावा खाने की भी दिक्कत हो गई है। छात्रों ने बताया कि हॉस्टल के मेस में भी खाने में डर लगा रहता है कि स्थानीय छात्र कहीं पीटने न लगे। कॉलेज प्रशासन के पास सुरक्षा की बात पर कोरा आश्वासन मिला कि वे सुरक्षित हैं। जबकि उनके सामने कैंपस में शराब पीकर स्थानीय छात्र व अन्य लोग देर रात तक बिहारी छात्रों को उकसाते रहे, गालियां देते रहे लेकिन कॉलेज प्रशासन न उन्हें रोक पाया और न ही उनके खिलाफ कोई एक्शन लिया।