पटना. मंगलवार की सुबह विजिलेंस की विशेष टीम की ओर से जेल उद्योग विभाग के डायरेक्टर वीरचंद्र प्रसाद के ठिकानों पर छापेमारी की गई। इनके 6 ठिकानों पर जांच की गई। जहां अभी तक की छापेमारी में उनके पास से 6 करोड़ 65 लाख रुपए की चल-अचल संपत्ति होने का पता चला है। इसके अलावा इनके घर से 80 हजार रुपए नकद और बैंक अकाउंट में 33 लाख 60 हजार रुपए मिले हैं।
इनके नाम से नौबतपुर में 22 हजार वर्ग फीट जमीन, पटना के पॉश कॉलोनी श्रीकृष्णापुरी में पत्नी और बेटे के नाम से एक मकान भी है। इनका बोरिंग रोड के नागेश्वर कॉलोनी में एक होटल है। वहीं, पास के ही एक अपार्टमेंट में इन्होंने 8 फ्लैट को एक साथ मिला कर गेस्ट हाउस के रूप में बना रखा है। वीरचंद्र प्रसाद का मुजफ्फरपुर में एक मार्केट कॉम्पलेक्स भी है।
सूचना मिली है कि राजधानी पटना में दो-तीन जगह इनके और भी मकान हैं। साथ ही गुडग़ांव में भी इनका एक घर है। छापेमारी में इनके पास से बड़ी मात्रा में जेवरात भी मिले हैं, जिसकी जांच चल रही है।
संभावना व्यक्त की जा रही है कि वीरचंद्र प्रसाद के पास से अरबों की संपत्ति मिल सकती है। यहां विजिलेंस की टीम मिल रहे कागजात की जांच करने में जुटी हुई है। छापेमारी में एसपी और एसवीयू की टीम शामिल है। विजिलेस के डीआईजी और आईजी भी मौके पर पहुंचे।
कम समय में ही इन पर अरबों की संपत्ति अर्जित करने का आरोप है। वीरचंद्र प्रसाद जेल विभाग के प्रवक्ता भी है।ये लम्बे समय से अपने पद पर बने हुए थे। इस छापेमारी में बड़े भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है।
बताते चलें कि इन दिनों बिहार में भ्रष्ट कर्मचारियों पर विशेष निगाह रखी जा रही है। पटना में पिछले कुछ दिनों में सरकारी अफसरों के ठिकानों पर छापेमारी का काम चल रहा है। इसमें विजिलेंस की टीम को कामयाबी भी मिली है। 24 जनवरी को जहां जल संसाधन विभाग के रिटायर्ड चीफ इंजीनियर राम विलास चौधरी के ठिकानों पर छापेमारी की गई थी। वहीं, सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के सहायक निदेशक कन्हैया कुमार के पटना में चार ठिकानों पर छापेमारी की गई थी।
विजिलेंस की टीम ने 24 जनवरी को जल संसाधन विभाग के रिटायर्ड चीफ इंजीनियर राम विलास चौधरी के ठिकानों पर छापेमारी की थी। वहीं, उनके और उनकी पत्नी मंजू चौधरी के लॉकर से साढ़े चार लाख रुपए का डायमंड, करीब आधा किलो ग्राम सोना और 306 ग्राम चांदी की बरामदगी की गई थी। उनके बहादुरपुर हाउससिंग कॉलोनी स्थित आवास पर छापेमारी में टीम को दो लॉकर की चाबियां मिली थीं। बीते शुक्रवार को छापे के दौरान रिटायर्ड चीफ इंजीनियर के घर से 1 करोड़ 80 लाख से अधिक की चल-अचल संपत्ति का पता चला था।
चौधरी के ठिकाने से 1 लाख 63 हजार नकद के अलावा करीब एक दर्जन बैंक खातों का पता चला था। चौधरी और उनकी पत्नी मंजू चौधरी के नाम से बैंक में 59 लाख रुपए से अधिक जमा हैं। एसवीयू के आईजी प्रवीण वशिष्ठ ने कहा कि चौधरी के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का केस दर्ज किया गया है।
आगे जानिए विजिलेंस की टीम को और क्या मिला था रिटायर्ड चीफ इंजीनियर राम विलास चौधरी के ठिकानों से...
तस्वीरों में देखें वीरचंद्र प्रसाद के ठिकानों पर छापेमारी