फाइल फोटो: मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी।
पटना. मुख्यमंत्री से मिले आश्वासन पर उसे भरोसा नहीं हुआ। इसलिए वह जोर-जोर से चिल्लाने लगा। सुरक्षा गार्ड उसे समझाने का प्रयास कर रहे थे पर वह चुप होने को तैयार नहीं था। वह जोर-जोर से कह रहा था कि उसके साथ धोखा हुआ है।
वह आठ साल से जनता दरबार में अपनी समस्या लेकर आ रहा है पर आज तक उसे निशक्त्ता का पेंशन मिलना शुरू नहीं हुआ। वह रोहतास का रहने वाला है और नाम है संतोष। इस पर मुख्यंमत्री ने कहा कि यहां सभी की समस्या सुनी जाती है और उसे दूर किया जाता है। इसमें कोई कोताही नहीं बरती जाती।