फाेटो: प्रतीकात्मक प्रयोग।
पटना. नक्सली सुरक्षा बलों से लड़ने के लिए सेना और अर्धसैनिक बलों के उपयोग में लाए जाने वाले बुलेट प्रूफ जैकेट खरीद रहे हैं। स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) के एक ऑपरेशन में यह सनसनीखेज खुलासा हुआ है। एसटीएफ ने गया से मो. शम्स नाम के युवक को गिरफ्तार कर उसके पास से एक बुलेट प्रूफ जैकेट बरामद किया है। उसकी निशानदेही पर सेना के रिटायर्ड सूबेदार राजीव कुमार सिंह को औरंगाबाद के नवीनगर से गिरफ्तार किया गया है। राजीव नवीनगर के एक बैंक में बतौर गार्ड काम कर रहा था। इधर, 13 सितंबर को चकाई के सिमराढाब जंगल में हुई मुठभेड़ को फर्जी बताते हुए नक्सलियों ने 18 सितंबर को 24 घंटे के बंद का आह्वान किया है।
शम्स और रिटायर्ड सैनिक से आर्मी इंटेलीजेंस पूछताछ कर रही है। इसमें यह खुलासा हुआ है कि इस बुलेट प्रूफ जैकेट को नक्सलियों तक पहुंचाया जाना था। शम्स से पूछताछ में पता चला है कि उसने यह जैकेट राजीव से हासिल किया था। राजीव ने यह जैकेट सेना से हासिल किया या फिर किसी अन्य पुलिस संगठन से, इसकी जांच चल रही है।
सेना के हथियार हासिल करते रहे हैं नक्सली
नक्सली सुरक्षा बलों को सप्लाई की जाने वाली गोलियां और हथियार इस्तेमाल करते रहे हैं। कई बार उनके पास से इंसास और एके-47 राइफलें बरामद की गई हैं। इन दोनों हथियारों का उपयोग सेना और पुलिस संगठन करते रहे हैं।
बिहार में यह पहला मामला: आईजी
आईजी ऑपरेशन सुशील एम. खोपड़े ने बताया कि बिहार में पहली बार इस तरह का मामला सामने आया है। शम्स और राजीव दोनों गया के रहने वाले हैं। शम्स नक्सलियों और दूसरे लोगों के बीच दलाल का काम करता है। शम्स और राजीव संपर्क में कैसे आए? नक्सलियों तक कौन-कौन सा सामान पहुंचाया है? इस बाबत पूछताछ हो रही है। बरामद जैकेट नक्सली कमांडर संदीप तक पहुंचाई जानी थी।
नक्सलियों ने मुठभेड़ को बताया फर्जी, बंद का आह्वान, गया में पोस्टर चिपकाया
13 सितंबर को चकाई के सिमराढाब जंगल में हुई मुठभेड़ को फर्जी बताते हुए नक्सलियों ने 18 सितंबर को 24 घंटे के बंद का आह्वान किया है। पूर्वी बिहार उत्तरी झारखंड सीमांत जोनल कमिटी के प्रवक्ता प्रतीक ने फोन कर कहा कि सीआरपीएफ ने तीनों को सोते हुए पकड़ लिया था। इस दौरान तीन साथी वहां से भागने में सफल रहे, जिन्हें गोली मार कर घायल कर दिया गया। दिनेश पंडित, जीवलाल सहदेव को सीआरपीएफ ने हथियार के साथ पकड़ लिया था और बाद में उनकी हत्या कर इसे मुठभेड़ बताया। इस घटना के विरोध में 18 सितंबर को नक्सली संगठन ने पूर्वी बिहार, पूर्वोत्तर झारखंड बंद की घोषणा की है। वहीं, गया में नक्सली संगठन पीएलएफवाई ने डोभी थाने से महज कुछ दूरी पर ओवरब्रिज के पास नक्सली संगठन ने पोस्टर चिपकाया है।
आगे देखिए 13 सितंबर को चकाई के सिमराढाब जंगल में सीआरपीएफ और नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ से जुड़ी तस्वीरें...