बेतिया/पटना. गरीबी की दंश झेल रही सकुन की मौत बुधवार को घोंघा चुनने के क्रम में हो गई। सकुन मुफस्सिल थाना के मंशाटोला के समीप डबरा चंवर में बुधवार को अपने तथा अपने परिवार की पेट की आग बुझाने के लिए घोंघा चुनने गई थी। इसी बीच 33 हजार वोल्ट के बिजली के तार ने उसे अपना ग्रास बना लिया। पुलिस ने लाश को पोस्टमार्टम करा परिजनों को सौंप दिया है।
पति के अपाहिज होने पर परिवार का पूरा भार था सकुन पर
मिली जानकारी के मुताबिक जगदीशपुर थाना के कठैया बिसुनपुरा निवासी बाबूलाल मांझी ताड़ी निकालकर अपने परिवार का भरण पोषण करता था। करीब पांच साल पूर्व बाबूलाल ताड़ के पेड़ से गिरकर अपने दोनों पैर व दोनों हाथ गवां बैठा। पति के पूर्ण रूप से अपाहिज हो जाने से दो बेटियों, एक बेटा व पति सहित स्वयं के भरण पोषण का जिम्मा सकुन पर आ गया। सकुन आस-पड़ोस के लोगों के यहां चौका बर्तन कर अपने परिवार का भरण पोषण करती थी। फकीरी की चरमोत्कर्ष पर जीवन यापन कर रही सकुन की इच्छा थी की ग्रामीणों से सहयोग लेकर अपने जीते जी वह अपनी दोनों बेटियों के हाथ पीले कर दे।
जमीन से करीब पांच फीट ऊपर लटक गई
बुधवार को सकुन पेट की आग बुझाने के लिए डबरा चंवर में घोंघा चुन रही थी। इसी बीच करीब दस फीट उंचाई से चंवर के रास्ते गुजर रहे 33 हजार वोल्ट के तार ने उसे अपनी चपेट में ले लिया। कुछ देर तक तार के सहारे जमीन से करीब पांच फीट ऊपर लटकी सकुन छटपटाती रही, लेकिन बिजली के तार ने उसकी जीवन लीला समाप्त करने के बाद ही उसे जमीन पर फेंका। इस घटना से जहां सकुन के गांव में मातमी सन्नाटा पसरा रहा वहीं उसके परिवार में कोहराम मच गया।