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खगडिय़ा में परवत्ता बीडीओ के आवास पर विजिलेंस का छापा

7 वर्ष पहले
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खगड़िया. विजिलेंस टीम ने बुधवार की सुबह खगड़िया में परवत्ता बीडीओ राम प्रवेश प्रसाद के आवास पर छापेमारी की। यहां बीडीओ के साथ ही रिटायर्ड डीआईजी विध्या नंद पासवान की अवैध संपत्ति का भी खुलासा हुआ है। विजिलेंस टीम की छापेमारी में पहली बार ऐसा हुआ है कि एक वरीय अधिकारी के घर छापे के दौरान दूसरे किसी वरीय अधिकारी के घर की संपति के संबंध में भी जानकारी मिली हो। टीम ने इस आलोक में डीआईजी के पटना स्थित पटेल नगर आवास पर भी छापेमारी शुरू कर दी है।
आय से अधिक संपत्ति रखने के मामले में बीडीओ राम प्रवेश प्रसाद के आवास पर छापेमारी की गई। फिलहाल उनके यूनियन बैंक के तीन पासबुक को सीज कर लिया गया है। छापेमारी में टीम को राम प्रवेश प्रसाद के शास्त्रीनगर के दो फ्लैट और कई अन्य जगहों पर के जमीन के कागज मिले हैं।
वहीं, विजिलेंस को बीडीओ राम प्रवेश प्रसाद के आवास से रजिस्ट्री विभाग के रिटायर्ड डीआईजी विध्या नंद पासवान की जमीन और मकान के कागजात भी मिले हैं। टीम ने इसके बाद रिटायर्ड डीआईजी के पटना स्थित पटेल नगर आवास पर भी छापेमारी कर दी। इनके पास से फिलहाल कई मकान तथा जमीन के कागजात मिले हैं।
बताते चलें कि इन दिनों बिहार में भ्रष्ट कर्मचारियों पर विशेष निगाह रखी जा रही है। पटना में पिछले कुछ दिनों में सरकारी अफसरों के ठिकानों पर छापेमारी का काम चल रहा है। इसमें विजिलेंस की टीम को कामयाबी भी मिली है। विशेष निगरानी इकाई (एसवीयू) ने मंगलवार को जेल विभाग के डायरेक्टर इंडस्ट्री बीरचंद्र प्रसाद सिंह के छह ठिकानों पर छापे मारे थे।
बीरचंद्र ने 25 साल की नौकरी में छह शहरों में 14 प्लॉट और मकान बनाए। वो भी पटना, दिल्ली और गुडग़ांव जैसे शहरों में। उनके यहां 6.65 करोड़ की संपत्ति के कागजात मिले। हालांकि नकद सिर्फ 80 हजार रुपए ही मिले। विजिलेंस कि टीम को जेल विभाग के डायरेक्टर इंडस्ट्री बीरचंद्र प्रसाद सिंह के नाम से एक बैंक लॉकर मिला है। इसे बुधवार को खोला जाएगा।
एसवीयू के आईजी प्रवीण वशिष्ठ ने बताया कि पटना की नागेश्वर कॉलोनी में बीरचंद्र का एक शानदार रिजॉर्ट है। उनकी पत्नी निर्मला सिंह उस रॉयल किंग्स रिजॉर्ट की मैनेजिंग डायरेक्टर हैं। पटना और नौबतपुर में काफी जमीन का पता चला है
24 जनवरी को जहां जल संसाधन विभाग के रिटायर्ड चीफ इंजीनियर राम विलास चौधरी के ठिकानों पर छापेमारी की गई थी। वहीं, सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के सहायक निदेशक कन्हैया कुमार के पटना में चार ठिकानों पर छापेमारी की गई थी।
विजिलेंस की टीम ने 24 जनवरी को जल संसाधन विभाग के रिटायर्ड चीफ इंजीनियर राम विलास चौधरी के ठिकानों पर छापेमारी की थी। वहीं, उनके और उनकी पत्नी मंजू चौधरी के लॉकर से साढ़े चार लाख रुपए का डायमंड, करीब आधा किलो ग्राम सोना और 306 ग्राम चांदी की बरामदगी की गई थी। उनके बहादुरपुर हाउससिंग कॉलोनी स्थित आवास पर छापेमारी में टीम को दो लॉकर की चाबियां मिली थीं। बीते शुक्रवार को छापे के दौरान रिटायर्ड चीफ इंजीनियर के घर से 1 करोड़ 80 लाख से अधिक की चल-अचल संपत्ति का पता चला था।
वहीं, 23 जनवरी को सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के सहायक निदेशक कन्हैया कुमार के पटना में चार ठिकानों पर छापेमारी की गई थी। इस दौरान 2.04 करोड़ से अधिक की संपत्ति का खुलासा हुआ था। उनके घर से 16 लाख 61 हजार रुपए कैश मिले। जिनमें से 15.40 लाख तो स्कूल बैग में छिपा कर रखे गए थे।
सहायक निदेशक के छह बैंक खातों का भी पता चला था। साथ ही कई जगह मकान, जमीन और निवेश से संबंधित दस्तावेज भी बरामद किए गए थे। आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) ने शेखपुरा स्थित राजशिला अपार्टमेंट और राजवंशी नगर में साकार इंदु विला स्थित उनके फ्लैट पर भी छापेमारी की थी।
जितना वेतन से कमाया, उससे 7 गुना बनाया
11 साल की नौकरी में वेतन से मिले थे 30 लाख
कन्हैया कुमार बिहार सूचना सेवा के अधिकारी हैं। अगस्त-सितम्बर 2002 में नौकरी ज्वाइन की थी। जिला जनसंपर्क पदाधिकारी के तौर पर पहली पोस्टिंग पटना कलेक्ट्रेट में हुई थी। कुछ दिन बाद कटिहार तबादला हो गया। उसके बाद लौटे हो सूचना जनसंपर्क विभाग में विज्ञापन शाखा में ही जमे रहे। ईओयू के अनुसार कन्हैया की अभी तक वेतन से हुई अनुमानित आय करीब 30 लाख रुपए है। अन्य स्रोतों को मिलाकार अनुमानित आय 41.96 लाख आंका है। इनमें से 22.41 लाख खर्च का आकलन किया है।