पटना. भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मंगल पांडेय ने नीतीश कुमार पर राज्य में राजनीतिक अस्थिरता उत्पन्न करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि महादलित कार्ड खेलकर जीतन राम मांझी को मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बिठाने का उन्होंने सिर्फ नाटक किया था। कुर्सी मोह उनकी पुरानी आदत है। इसीलिए मांझी को हटाकर मुख्यमंत्री बनने के लिए छटपटाहट उनमें फिर से पैदा हो गई है।
जीतनराम मांझी जब दल के नेता हैं तो फिर नीतीश कुमार जदयू विधायक दल के नेता कैसे बन सकते हैं? दरअसल महादलित मुख्यमंत्री को पहले तो नीतीश ने रिमोट से चलाया, नचाया और बाद में जब सीएम मांझी सख्त हुए तो अपने समर्थकों से उन्हें अपमानित करवाना शुरू करवा दिया। पांडेय रविवार को यहां पार्टी के प्रदेश मुख्यालय में आयोजित मिलन समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस समारोह में कई लोग भाजपा में शामिल हुए।
भाजपा में शामिल होने वालों में
पटना नगर निगम के पूर्व उपमहापौर विनय कुमार पप्पू, वार्ड पार्षद संजय कुमार सिंह, सुनील कुमार, रीता देवी, अविनाश कुमार मंटू, श्याम बाबू यादव, अशोक कुमार, पिंकी यादव, प्रेमलता देवी, बांकीपुर विधान सभा युवा कांग्रेस के अध्यक्ष नागेन्द्र सहनी, पूर्व अध्यक्ष अर्जुन कुमार, पटना महानगर जदयू के महासचिव मनोज कुमार और दिल्ली मॉडल स्कूल के एमडी जयंत सिंह के अलावा डॉ. राजीव रंजन, डॉ. अजय कुमार सिंह (नवादा), डॉ. ओम प्रकाश कुंवर, डॉ. साधना सिंह (सीतामढ़ी), डॉ.गगनदेव नारायण सिंह, डॉ. वीरेंद्र सिन्हा, डॉ.मानस कुमार (रोहतास), डॉ. शैलेन्द्र कुमार विक्रम, डॉ. विजेंद्र कुमार (लालगंज), डॉ.अमरेन्द्र चौधरी, डॉ. बबन सिंह, डॉ. विजय कुमार दूबे, डॉ. उमेश पंकज