पटना. उपचुनावों में हार के बाद बिहार भाजपा में खराब प्रदर्शन के कारणों की तलाश की कवायद शुरू हो गई है। केंद्र में अभूतपूर्व सफलता के महज सौ दिनों के भीतर विधानसभा के उपचुनावों में नमो लहर क्यों कमजोर पड़ गई, यह पता करने के लिए पार्टी राजधानी से लेकर प्रखंड तक के नेताओं से लगातार बात की जा रही है। बातचीत के केंद्र में जदयू, राजद और कांग्रेस के महागठबंधन को रखा गया है। नेताओं से यह पूछा जा रहा है कि परस्पर विरोधी आधार वोट होने के बावजूद महागठबंधन को फायदा कैसे हो गया? प्रदेश अध्यक्ष मंगल पांडेय ने गुरुवार को कहा कि विधानसभा उपचुनाव के जो परिणाम आए हैं, उसपर पार्टी विभिन्न स्तरों पर बैठक कर समीक्षा कर रही है। बिहार में भाजपा गठबंधन की अगली सरकार बननी तय है।
पांडेय ने कहा कि उपचुनाव में पार्टी के सैकड़ों कार्यकर्ता चुनाव के दो माह पहले से विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में कड़ी मेहनत के साथ काम में जुटे थे। केंद्रीय चुनाव समिति ने प्रत्याशियों का चयन भी सांसदों, विधायकों और अन्य स्तर के नेताओं से बातचीत कर किया था। चुनाव प्रचार में वरिष्ठ नेताओं का लगातार दौरा हुआ और पूरे प्रचार अभियान में सैकड़ों कार्यकर्ता, सांसद और विधायक भी लगे रहे थे। फिर भी जैसे परिणाम आए, भाजपा के मिशन 175 के लक्ष्य के हिसाब से कारणों की समीक्षा जरूरी हो गई है।
भाजपा पटना महानगर इकाई गठित
भाजपा पटना महानगर इकाई का नए सिरे से गठन किया गया है। सीताराम पांडेय महानगर इकाई के अध्यक्ष होंगे। विधान पार्षद डॉ. दिलीप जायसवाल ने बताया कि रविप्रकाश सिंह, गणेश कुमार, वीरेंद्र बहादुर सिन्हा, ओमप्रकाश सिंह, अजीत चंद्रवंशी, सुधीर शर्मा, राजेश कुमार और उमेश सिन्हा को उपाध्यक्ष बनाया गया है। जितेंद्र कुमार, विनय केसरी और अभिषेक कुमार को महामंत्री, मनोरंजन कुमार, चंपा पासवान, रामजी मेहता, संगीता चौरसिया, सुधीर कुमार मंटू, अरविंद कुमार, शत्रुघ्न सिंह और करुणा विद्यार्थी को मंत्री, रणधीर कुमार को कोषाध्यक्ष, राजीव रंजन कुमार, राजेश साह और संजय राय को प्रवक्ता तथा संतोष कुमार को कुम्हरार, धनंजय मेहता को पटना साहिब, रिंकू राज को फतुहा, शैलेंद्र यादव को बांकीपुर और
सुशील कुमार शर्मा को दीघा का क्षेत्रीय प्रभारी बनाया गया है। प्रवीण यादव महानगर युवा मोर्चा और मनोज प्रभाकर महानगर किसान मोर्चा का अध्यक्ष बनाया गया है।
मीडिया में बयानबाजी से बचें नेता : मंगल
प्रदेश अध्यक्ष ने पार्टी के नेताओं को मीडिया में बेवजह की बयानबाजी से परहेज करने की हिदायत दी है। कहा कि भाजपा में वन मैन आर्मी का सिस्टम नहीं है। हमारी पार्टी सामूहिकता के साथ चलती है। हमारा सभी नेताओं से आग्रह है कि पार्टी के संदर्भ में कोई भी बात मीडिया के माध्यम से न करें। प्रदेश अध्यक्ष ने यह पहल तब की है जब शत्रुघ्न सिन्हा, डॉ. सीपी ठाकुर, रामेश्वर चौरसिया, चंद्रमोहन राय और अश्विनी चौबे ने हाल में अपने बयानों से पार्टी को मुश्किल में डाल दिया था।