मिट्टी में मिल जाएंगे पर भाजपा के साथ नहीं जाएंगे : नीतीश

9 वर्ष पहले
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पटना. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि हम मिट्टी में मिल जाएंगे, लेकिन भाजपा के साथ नहीं जाएंगे। अब यह चैप्टर क्लोज हो चुका है। भाजपा से अलग होने का निर्णय मैंने भावना में बहकर नहीं, बल्कि सोच समझकर लिया है। मुख्यमंत्री मंगलवार को विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर बोल रहे थे। उन्होंने भाजपा को सदन में अविश्वास प्रस्ताव लाने की चुनौती दी और कहा कि यदि उसमें ताकत है तो सरकार गिरा दें। हम पूरे मार्च तक सदन में बैठने को तैयार हैं।

नीतीश ने कहा कि भाजपा ने भरोसा तोड़ा है। चुनाव में उनकी इतनी दुर्गति होगी कि लोग देखेंगे। बढ़ते अपराध का आरोप लगाते हुए राजद और हिंगोरा प्रकरण पर मुख्यमंत्री के उत्तर से नाराज भाजपा ने सदन से वाकआउट किया।

हिंगोरा मामले में कोई नेता शामिल नहीं : मुख्यमंत्री ने दावा किया कि हिंगोरा मामले में जदयू क्या किसी दल का कोई नेता शामिल नहीं है। उन्होंने नंदकिशोर यादव द्वारा सोमवार को जिक्र किए गए सीआईडी रिपोर्ट पर सवाल उठाया।

मुख्यमंत्री कहा-उसने ऐसी कोई रिपोर्ट ही नहीं दी है। उन्होंने कहा-नंदकिशोरजी नेता का नाम बताएं या माफी मांगें। यदि आरोप साबित हुए तो हम कड़ी कार्रवाई करेंगे। वह सरकार क्या पार्टी में नहीं रहेगा। साथ ही मुख्यमंत्री ने डीजीपी को खुफिया सूचना गंभीरता से कार्रवाई का निर्देश दिया। इससे पहले भाजपा सदस्यों की ओर इशारा करते हुए उन्होंने कहा-हममें से कोई नहीं चाहता था कि गठबंधन टूटे। पर मामला सिद्धांत का था। भाजपा चाहे जग जीत ले, सिद्धांत अपनी जगह है। इस बीच, धन्यवाद प्रस्ताव को सदन की मंजूरी मिल गई।

भाजपा की खिंचाई

फिर दोहराया-सुशील मोदी ने मुझे गडकरी से मिलवाया था। उन्होंने वादा किया था कि नरेंद्र मोदी पीएम उम्मीदवार नहीं होंगे।
विपक्ष के नेता नंदकिशोर यादव पर निशाना साधा-आपके और मोदी के बीच का डायनामिक मुझे पता है। पहले नाराजगी थी, अब दोस्ती है।
भाजपा की सोच है कि चित भी मेरी और पट भी। मुंगेर रेल पुल का क्रेडिट वाजपेयीजी को देना चाहती है। सही भी है। लेकिन बिहार के मामले में आप ऐसा क्यों नहीं सोचते? यहां भी सारे काम का श्रेय सीएम को ही मिलना चाहिए।

शाहिद पर सफाई

मंत्री शाहिद अली खान के आतंकी संबंधों के आरोप पर कहा-रिपोर्ट में मंत्री का नाम तक गलत लिखा है। जांच कराई तो सारा मामला तथ्यहीन निकला। भाजपा हर अल्पसंख्यक पर शक करती है। यह खतरनाक है। केंद्र पर भी निशाना साधा-रिपोर्ट पहले एटीएस को भेजी जानी चाहिए थी। केन्द्रीय गृह मंत्रालय व एसएसबी को पत्र लिखकर शिकायत करेंगे।

अपनी पीठ थपथपाई

अपराध में कमी आई है। घटना के बाद एफआईआर दर्ज होने से कई मामलों में ग्राफ बढ़ा दिख रहा है।
भ्रष्ट लोकसेवकों की संपत्ति जब्त कर रहे हैं, बर्खास्तगी हो रही है। 126 भ्रष्टों को बर्खास्त किया है। मुख्य सचिव इस अभियान की समीक्षा कर रहे हैं।
मनी लाउंड्रिंग में 5 करोड़ तक की संपत्ति जब्त करने का अधिकार राज्य को मिले, केन्द्र को ऐसा प्रस्ताव भेजा है। एक्ट संशोधन के बाद यह प्रभावी हो जाएगा।