पटना। तेज रफ्तार से आ रहे टैंकर ने पशुपालन विभाग के कर्मी पंकज कुमार को रौंद दिया, जिससे उसकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई। उसके सिर व शरीर के कई अंग सड़क पर बिखर गए।
सोमवार को लगभग सवा तीन बजे दिन में एयरपोर्ट थाना से दो सौ मीटर दूर फ्रोजन सीमन बैंक सह बुल स्टेशन के दफ्तर के पास हुई पंकज की दर्दनाक मौत के बाद विभाग के कर्मचारी व स्थानीय लोगों ने सड़क जाम कर दिया।
लगभग दो घंटे तक लोग हंगामा करते रहे। इधर चालक टैंकर को लेकर फुलवारीशरीफ की ओर चंपत हो गया। सूचना मिलने के बाद सदर एसडीओ अमित कुमार व सचिवालय डीएसपी शिबली नोमानी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने लोगों को समझा-बुझाकर मामले को शांत कराया।
एसडीओ ने 28 वर्षीय पंकज के पिता बालेश्वर पासवान को कबीर अंत्येष्टि योजना के तहत तीन हजार नकद दिए। उन्होंने मृतक के परिजन को मुख्यमंत्री पारिवारिक लाभ योजना के तहत 20 हजार, हिट एण्ड रन केस में मरने की वजह से 25 हजार व अनुकंपा के आधार पर पंकज के परिवार के एक सदस्य को नौकरी दिलाने की घोषणा की। शाम लगभग पांच बजे पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
दफ्तर के पास ही हुई घटना, साइकिल से जा रहा था घर
पंकज पशुपालन विभाग के अधीन चलने वाले फ्रोजन सीमन बैंक सह बुल स्टेशन का चतुर्थ वर्गीय कर्मी था। फिलहाल उसकी प्रतिनियुक्ति पास में ही स्थित कैटल फार्म में थी। वह ड्यूटी खत्म कर दफ्तर परिसर में ही स्थित क्वार्टर साइकिल से जा रहा था। इसी बीच एयरपोर्ट की ओर से आ रहे टैंकर ने सड़क किनारे से जा रहे पंकज को रौंद डाला।
पंकज को दो बच्चे हैं। एक बेटी गुड़िया सात वर्ष की है जबकि एक बेटा युवराज एक साल का है। क्वार्टर के पास ही पति की हादसे में मौत की सूचना मिलने के बाद पत्नी पुष्पा देवी व अन्य परिजन पहुंच गए और दहाड़ मारकर रोने लगे।
अनुकंपा पर मिली थी नौकरी
मौके पर मौजूद पंकज के पिता कौशलनगर निवासी बालेश्वर पासवान ने बताया कि दो बेटों में वह छोटा था। बड़ा बेटा प्रकाश निजी चालक है। बालेश्वर ने फफकते हुए बताया कि पत्नी फुलवतिया देवी पशुपालन विभाग में काम करती थी।
विकलांग हो जाने की वजह से उसकी जगह पंकज को नौकरी मिली थी। उन्होंने कहा की पंकज की पत्नी पुष्पा को सराकर नौकरी दे दे ताकि वह अपने दो बच्चों का लालन-पालन कर सके।
ब्रेकर बनाने की मांग
स्थानीय लोगों ने कहा कि कई बार दफ्तर के पास ब्रेकर बनाने की मांग की गई है। प्रशासन को कहा गया लेकिन कुछ नहीं हुआ। लोगों ने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि बराबर इस सड़क पर हादसा होता रहता है। अगर प्रशासन ने उनकी मांगों को अब अनदेखी की तो आंदोलन किया जाएगा।