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बृजबिहारी हत्याकांड में सभी 8 आरोपी बरी, हाईकोर्ट ने साक्ष्य के अभाव में दी राहत

6 वर्ष पहले
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पटना. पटना हाईकोर्ट ने गुरुवार को राज्य के पूर्व मंत्री बृज बिहारी प्रसाद हत्याकांड में सभी अभियुक्तों को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया। कोर्ट ने निचली अदालत के फैसले को पूरी तरह खारिज कर दिया। पटना की एक अदालत ने वर्ष 2009 में दो पूर्व विधायकों राजन तिवारी और विजय कुमार शुक्ला उर्फ मुन्ना शुक्ला, पूर्व सांसद सूरजभान सिंह सहित 8 अभियुक्तों को इस मामले में दोषी पाया था। इन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई थी। अभियुक्तों ने निचली अदालत के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। इस मामले में नाै आरोपी बनाए गए थे। एक की मौत हो चुकी है।
न्यायमूर्ति इकबाल अहमद अंसारी और न्यायमूर्ति वीएन सिन्हा की खंडपीठ ने अभियुक्तों और सीबीआई की दलीलों को सुनने के बाद 19 जून को फैसला सुरक्षित रख लिया था। हाईकोर्ट ने जेल में बंद राजन तिवारी, मंटू तिवारी और मुन्ना शुक्ला को तुरंत रिहा करने का आदेश दिया। जबकि, जमानत पर चल रहे पूर्व सांसद सूरजभान सिंह, मुकेश सिंह, ललन सिंह, कैप्टन सुनील सिंह, राम निरंजन चौधरी को बेल बॉण्ड से मुक्त कर दिया।
निचली अदालत ने दिवंगत विधायक शशि कुमार राय को दो वर्ष कारावास और 10 हजार रुपए जुर्माने की सजा दी थी। लेकिन, हाईकोर्ट से जमानत पर छूटने के कुछ दिनों बाद ही उनकी मृत्यु हो गई थी। पूर्व मंत्री शिवहर की मौजूदा भाजपा सांसद रमा देवी के पति थे। अदालत ने 278 पृष्ठ के फैसले में सभी पक्षों की दलीलों और हत्या से जुड़े तमाम पहलुओं की विस्तार से चर्चा की है।
क्या कहा हाईकोर्ट ने
सीबीआई यह साबित नहीं कर पाई कि इन अभियुक्तों ने प्रसाद की हत्या की साजिश रची थी। सीबीआई ऐसा कोई साक्ष्य भी पेश नहीं कर पाई जिससे यह साबित होता हो कि इन अभियुक्तों ने ही घटना को अंजाम दिया था। जांच एजेंसी ने जिन साक्ष्यों के आधार पर इन अभियुक्तों को हत्याकांड से जोड़ने का प्रयास किया है उसमें कोई दम नहीं है। हत्याकांड की जांच बिहार पुलिस कर रही थी। लेकिन बाद में सीबीआई को सौंप दिया गया।
ये अभियुक्त हुए बरी
मुन्ना शुक्ला, राजन तिवारी, सूरजभान सिंह, मंटू तिवारी, मुकेश सिंह, ललन सिंह, कैप्टन सुनील सिंह, राम निरंजन चौधरी
12 अगस्त 2009 लोअर कोर्ट का फैसला
इन सभी आठों अाराेपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। साथ ही 20 हजार रुपए जुर्माना भी लगाया था। शशि कुमार राय को दो साल कैद और 10 हजार जुर्माना लगाया था।
13 जून 1998 अस्पताल में हुई हत्या
आईजीआईएमएस, पटना में तत्कालीन विज्ञान प्रोद्यौगिकी मंत्री बृज बिहारी प्रसाद की गोली मार कर हत्या कर दी गई थी। उस समय वे वहां इलाज करा रहे थे। अपने सुरक्षा गार्ड और सहयोगियों के साथ संस्थान परिसर में शाम को टहल रहे थे। उसी समय एक गाड़ी पर सवार होकर आए लोगों ने उन्हें भून डाला। मौके पर ही उनकी मौत हो गई थी।
बृजबिहारी की पत्नी रमा देवी ने कहा- निराश नहीं हूं, सुप्रीम कोर्ट जाऊंगी
भाजपा सांसद व स्व. बृजबिहारी प्रसाद की पत्नी रमा देवी ने कहा है कि कोर्ट के फैसले से मुझे दुख अवश्य हुआ है लेकिन निराश नहीं हूं। न्याय की अब भी उम्मीद है। इसके लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाऊंगी। सीबीआई से भी अनुरोध करूंगी। कोई तो है जिसने मर्डर किया और वो कौन है, किसी से छुपा है क्या?

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