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जाति भेद,कर्मकांड और छुआछूत की भावना के खिलाफ समाज में ज्ञान का अलख जगाया था संत रवि दास

9 वर्ष पहले
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पटना . संत रविदास ने जाति भेद,कर्मकांड और छुआछूत की भावना के खिलाफ समाज में ज्ञान का अलख जगाया। उन्होंने सामजिक समरसता और सद्भाव विकसित करने का प्रयास किया। भारतीय समाज संत रविदास का हमेशा ऋणी रहेगा। उक्त बातें उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा द्वारा रविदास जयंती की पूर्व संध्या पर आयोजित समारोह में कहीं।
समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि 50 वर्ष शासन करने के बाद भी कांग्रेस ने अनुसूचित जाति वर्ग के लोगों के लिए कुछ खास नहीं किया। लेकिन उनका वोट बैंक के रूप में खूब इस्तेमाल हुआ। अटल सरकार के गठन के बाद इस वर्ग को उचित सम्मान देने का प्रयास किया गया।
सरकारी नौकरियों में प्रोन्नति और विभिन्न तरह की सुविधाएं प्रदान की गईं। मोदी ने कहा कि मौजूदा बिहार की एनडीए सरकार में भी यह व्यवस्था जारी है। इस मौके पर पथ निर्माण मंत्री नंद किशोर यादव, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण मंत्री चन्द्रमोहन राय, खनन एवं भूतत्व मंत्री सत्यदेव नारायण आर्य के अलावा पार्टी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे।
अनुसूचित जाति की विकास के लिए बजट की राशि में वृद्धि
मोदी ने बताया कि सरकार अनुसूचित जाति के लोगों के विकास के लिए कृतसंकल्प है। उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग का बजट 2009-10 में 348 करोड़ था। उसे बढ़ाकर वर्ष 2012-13 में 1100 करोड़ रुपए किया गया है।
वर्तमान वित्तीय वर्ष में 38 लाख विद्यार्थियों के लिए 458 करोड़ रुपए की छात्रवृत्ति मद में इस वर्ग के लिए निर्धारित है। उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति वर्ग के भूमिहीन सदस्यों के इंदिरा आवास के लिए तीन डिसमिल जमीन उपलब्ध कराई जा रही है।
बुराई का विरोध करने की लेनी चाहिए सीख : मंगल
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मंगल पांडेय ने कहा कि हमें संत रविदास की जीवनी से सीख लेनी चाहिए। मानव होने पर गर्व करें और सभी प्रकार की बुराइयों का विरोध करें। अपमान और अन्याय के खिलाफ संघर्ष करें। उन्होंने कहा कि हमें मेहनत की महत्ता को समझना चाहिए।
समस्याओं का हल ढूंढना चाहिए न कि भाग्य के भरोसे बैठ जाना चाहिए। मंगल पांडेय ने कहा कि संत रविदास अपनी बातों को निर्भीक होकर कहते थे। वे हमेशा प्रेरणा योग्य रहेंगे।