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घूस लेते पकड़े गए 578 अफसर व उनके संरक्षक भी होंगे बर्खास्त

8 वर्ष पहले
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पटना. पटना जिला के सचिवालय कोषागार, विकास भवन के तत्कालीन क्लर्क अनूप कुमार त्रिवेदी को डीएम डॉ. एन. सरवण कुमार ने बर्खास्त कर दिया। उसे निगरानी की टीम ने 19 अप्रैल 2012 को घूस लेते पकड़ा था। दो मई 2012 को उसे निलंबित किया गया था। फिर उसका मुख्यालय कोषागार कार्यालय, मसौढ़ी निर्धारित किया गया।

पेंशनर राधेरमण अग्निहोत्री के पेंशन विपत्र को पारित करने में तीन हजार रुपए रिश्वत लेते हुए निगरानी ब्यूरो के धावा दल ने रंगे हाथ गिरफ्तार किया था। विभागीय कार्रवाई के बाद अपर समाहर्ता, विभागीय जांच सह संचालन पदाधिकारी ने प्रतिवेदन दिया कि क्लर्क के खिलाफ जो भी आरोप लगाए गए हैं, प्रमाणित हो गए हैं। जिलाधिकारी ने कहा कि उसने दूसरी बार भी कारण बताओ नोटिस का जवाब नहीं दिया।

घूस लेते पकड़े गए 578 अफसर व उनके संरक्षक भी होंगे बर्खास्त

घूस लेते पकड़े जा चुके 578 सरकारी अफसर और कर्मचारी बर्खास्त होंगे। ऐसे कर्मियों को बचाने वाले संरक्षकों को भी बर्खास्त किया जाएगा। गुरुवार को मुख्य सचिव अशोक कुमार सिन्हा ने प्रधान सचिव, सचिव और निगरानी अफसरों के साथ बैठक कर भ्रष्टाचारियों को बर्खास्त करने पर विभागों में हुई कार्रवाई की समीक्षा की। पता चला कि अबतक घूस लेते पकड़े गए 70 सरकारी कर्मियों को बर्खास्त किया जा चुका है।

मुख्य सचिव ने बताया कि सरकार भ्रष्टाचार के सफाए के लिए सरकार किसी भी हद तक जाने को तैयार है। डीएम को साफ तौर पर कह दिया गया है कि एक-एक फाइल की जांच करके हरेक भ्रष्ट को बर्खास्त करिए। अगर जिला में यह काम नहीं हो पा रहा है तो फाइल मेरे पास भेज दीजिए। मैं खुद फैसला कर लूंगा।

880 पर हो रही कार्रवाई

मुख्य सचिव ने बताया कि राज्य में वर्ष 2006 से भ्रष्टाचार के खिलाफ शुरू किए गए अभियान में 880 कर्मियों पर कार्रवाई चल रही है। इनमें 578 कर्मी रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़े गए थे, जबकि 100 पर आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज है। अन्य 194 कर्मियों पर दूसरे आरोप हैं। इनमें से 856 मामलों में चार्जशीट दायर की जा चुकी है।
भ्रष्ट को बचाते क्यों हैं?

मुख्य सचिव ने बैठक में अब तक हुई कार्रवाई पर नाराजगी जताते हुए कहा कि ऐसे लोगों को बचाते ही क्यों हैं, जो पूरे सिस्टम को भीतर ही भीतर खोखला कर देता है। अगर मदद करनी है तो किसी ईमानदार और गरीब की करिए। अगर कोई भ्रष्ट कर्मी है तो उससे जितनी जल्दी हो सके छुटकारा मिल जाना चाहिए।