पटना. बिहार के मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी को जदयू से निकाल दिया गया है। जदयू के राष्ट्रीय महासचिव के. सी त्यागी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि प्रधानमंत्री
नरेंद्र मोदी से मिलने के बाद सीएम मांझी ने जिस तरह से पार्टी और नीतीश कुमार के खिलाफ बयान दिया, वह स्वीकार करने योग्य नहीं है। यही कारण है कि उन्हें अनुशासनहीनता के आरोप में पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित करने का फैसला लिया गया।
त्यागी ने कहा कि 'ऑपरेशन जीतन राम मांझी' दिल्ली से
अमित शाह चला रहे हैं। इस ऑपरेशन को नरेंद्र मोदी का समर्थन प्राप्त है। त्यागी ने कहा कि लोकतंत्र के इतिहास में कभी नहीं देखा गया कि कोई अल्पमत का मुख्यमंत्री इस तरह की बात कहे। मांझी द्वारा 20 फरवरी तक बहुमत साबित करने के लिए समय मांगे जाने के प्रश्न पर त्यागी ने कहा कि इससे हॉर्स ट्रेडिंग (समर्थन के लिए विधायकों की खरीद-बिक्री की कोशिश) को बढ़ावा मिलेगा।
प्रधानमंत्री से मिलने के बाद मांझी ने यह कहा था
प्रधानमंत्री से मिलने के बाद मांझी ने दिल्ली में कहा था कि नीतीश को लगा था कि मैं रबड़ स्टांप मुख्यमंत्री बना रहूंगा, लेकिन जब अपने मन से फैसले करने लगा तो वे छटपटाने लगे। वे सत्ता के बिना नहीं रह सकते हैं। मैं 1966 का ग्रेजुएट हूं। ऑनर्स के साथ। 35 साल से राजनीति में हूं। नीतीश ने मुझे मुख्यमंत्री बनाया। उनको लगा होगा कि मैं सो-सो हूं। जो कहेंगे, करेगा। दो महीने तक मैंने ऐसा किया भी, तो लोग मुझे रबड़ स्टांप सीएम कहने लगे। मेरा स्वाभिमान जागा। मैंने काम करना शुरू किया तो सबके पेट में दर्द होने लगा। अब वे मुझे गलत तरीके से हटाने में जुटे हैं।
मांझी ने गाना गाया- 'नकली चेहरा सामने आए, असली सूरत छुपी रहे...।' फिर कहा- 'अब नीतीश जी का असली चेहरा सामने आ गया है। मैं भी कुछ दिन के लिए भ्रम में था।