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मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा- सांप्रदायिक ताकतों से सावधान

8 वर्ष पहले
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समस्तीपुर. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने लोगों से हिंदू-मुस्लिम एकता बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि विकास के लिए सांप्रदायिक और जातीय सद्भाव को कमजोर करने वाली ताकतों के नापाक इरादों को विफल करना जरूरी है। वह शुक्रवार को कर्पूरी ठाकुर की जयंती पर उनके पैतृक गांव कर्पूरी ग्राम में आयोजित कार्यक्रम के दौरान एक जनसभा को संबोधित कर रहे थे।

इस दौरान उन्होंने जिले में 316 करोड़ रुपए की विभिन्न विकास योजनाओं का शिलान्यास किया और स्व. ठाकुर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। सभा में उन्होंने जनता को उन दिनों की भी याद दिलाई जब बिहार जनसंहारों के लिए जाना जाता था। राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद का नाम लिए बिना कहा कि अब लाठी में तेल पिलाने का जमाना नहीं है, अब शिक्षा का जमाना है।

भाजपा अफवाह की मास्टर
इधर, एसके मेमोरियल हॉल में आयोजित जयंती समारोह में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आरएसएस और भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि जैसे ये लोग जननायक कर्पूरी ठाकुर के साथ थे, वैसे ही हमारे साथ थे। अफवाह के मास्टर हैं। इन लोगों को अफवाह फैलाने वालों से बचकर रहना चाहिए। इन लोगों ने जननायक को अपमानित किया, उनकी सरकार गिराई और आज उनकी जयंती मना रहे हैं। जब हमारी सरकार में थे, तब मेरी प्रशंसा करते थे, अब निंदा करते नहीं थकते। उन्होंने कहा कि हम गरीब, सीधे और काम करने वाले आदमी हैं। धोखा खा जाते हैं। आरएसएस को जेपी ने पहचाना था। वे कहते थे आरएसएस का 7/8 हिस्सा अंदर होता है और 1/8 बाहर। ई सब डराता रहता है।

केंद्र लागू करे आरक्षण का कर्पूरी फॉर्मूला

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में कर्पूरी फार्मूले के आधार पर पिछड़ा वर्ग के साथ-साथ अति पिछड़ा के लिए आरक्षण का प्रावधान किया गया है। केंद्र सरकार को कर्पूरी फॉर्मूले के आधार पर ही आरक्षण का प्रावधान करना चाहिए। इससे सभी संप्रदायों के पिछड़ों को आरक्षण का लाभ मिल सकेगा।

उन्होंने कहा कि हम जब भी कुछ करते हैं, तो सुशील मोदी अटैक करने लगते हैं। कुछ भी बोलते रहते हैं। हमने धान खरीद में किसानों को प्रति क्विंटल 250 रुपए बोनस दिया तो ठिसुआ कर कहने लगा कि यह देर से लिया गया निर्णय है। जिसने कभी खेती भी नहीं किया हो, वह किसानों का हाल को क्या समझेगा? उन्होंने कहा कि चुनावी सर्वेक्षण महज जनसंपर्क अभियान है। यह प्रायोजित होता है।

जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद यादव ने कहा कि देश जगा हुआ तो है, लेकिन बीमारियों से लदा है। देश नफरत से नहीं, बल्कि ताकत से आगे बढ़ता है। बिहार को विशेष राज्य का दर्जा न्यायसंगत मांग है। जदयू के प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह ने कहा कि देश का बड़ा तबका बेरोजगारी और पेयजल की समस्या से जूझ रहा है। जिस दिन बिहार की समस्याओं का समाधान हो गया उस दिन देश की समस्याओं का समाधान हो जाएगा।

कार्यक्रम में मंत्री विजय कुमार चौधरी, नरेंद्र नारायण यादव, विजेंद्र प्रसाद यादव, श्याम रजक, डॉ. भीम सिंह, परवीन अमानुल्लाह, सांसद अनिल सहनी, अली अनवर, विधायक ज्ञानेंद्र सिंह ज्ञानू, पूर्व मंत्री रामनाथ ठाकुर, सांसद रामसुंदर दास, अर्जुन यादव, विश्वमोहन कुमार, मीना सिंह, उपेंद्र सिंह, हीरा बिंद, पूर्व एमएलसी संजय सिंह गांधी, गणेश भारती, जदयू अति पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष चंदेश्वर प्रसाद चंद्रवंशी, अति पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य अरुण कुमार वर्मा, गुलाम रसूल बलियावी और डॉ. अनिल अनल ने भी विचार व्यक्त किए। मंच संचालन विधान पार्षद रूदल राय ने किया।