पटना। जदयू की ओर से नीतीश कुमार को विधायक दल का नेता चुने जाने के बावजूद मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने इस्तीफा देने से इनकार कर दिया है। मांझी ने दिल्ली पहुंचकर कहा था कि विधायक का संख्या बल मेरे पास है, इस कारण मैं ही अभी भी मुख्यमंत्री हूं। मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी अपनी सरकार बचाने के लिए भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष
अमित शाह और प्रधान मंत्री से भी आज मिलेंगे। सूत्रों का कहना है कि प्रधान मंत्री
नरेंद्र मोदी की ओर से उन्हें शाम पांच बजे का समय दिया गया है।
प्रदेश के कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह और भीम सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री फिलहाल अपने सारे विकल्प खोल रखा है। पहले सरकार बचाने का प्रयास किया जाएगा, इसमें असफल होने पर विधान सभा भंग करने की भी अनुशंसा कर सकते हैं। इस बात के संकेत मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने भी दिया है। मांझी ने कहा कि कैबिनेट ने विधानसभा भंग करने पर फैसला करने के लिए मुझे अधिकृत कर दिया हैं। समय के अनुसार इसपर मैं अपना फैसला लुंगा।
इससे पहले नीतीश कुमार के करीबी समझे जाने वाले 15 मंत्रियों को मुख्यमंत्री ने बर्खास्त करने की सिफारिश कर दी है। जबकि जदयू के राष्ट्रीय महासचिव सह प्रवक्ता केसी त्यागी के अनुसार ये सारे लोग मुख्यमंत्री की अनुशंसा करने से पहले ही अपना इस्तीफा राज्यपाल और मुख्यमंत्री को भेज चूके हैं।
जीतन राम मांझी ने नीतीश कुमार पर पद से हटाने का षड्यंत्र रचने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार को चुनने के लिए बुलाई गई विधायक दल की बैठक अवैध है। क्योंकि सिर्फ चुना गया नेता ही यह बैठक बुला सकता है। मांझी ने जोर देते हुए कहा कि मैं अभी भी मुख्यमंत्री हूं।
जीतन राम मांझी ने नीतीश कुमार को चुनौती देते हुए कहा कि विधायक दल का नेता चुने जाने से कोई मुख्यमंत्री नहीं बन सकता, इसका फैसला विधान सभा में होगा। मांझी ने कहा- पिछले कुछ दिनों से वे लोग फर्जी तरीके से विधायकों के हस्ताक्षर ले रहे हैं ताकि उनकी ताकत दिखा सकें। वे सत्ता के बगैर नहीं रह सकते।
शनिवार को दिल्ली में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने बिहार के राजनीतिक घटनाक्रम पर पूर्व उप मुख्यमंत्री
सुशील कुमार मोदी सहित पार्टी नेताओं के साथ अलग-अलग चर्चा की।
आगे पढ़िए सरकार बचाने के लिए मांझी कैंप से विधायकों को मिल रही है धमकी....