पटना. मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी मधुबनी के परमेश्वरी मंदिर में उनके पूजा करने के बाद मूर्ति धुलवाने के अपने बयान पर कायम हैं। उन्होंने सोमवार को कहा-मैंने कभी झूठ नहीं बोला। मुझे इस बारे में खान मंत्री रामलषण राम रमण ने ही बताया था। एक नहीं, दो-दो बार। पता नहीं क्यों मंत्री पलट रहे हैं? रमण झूठ बोल सकते हैं लेकिन मैं नहीं। चुनाव था इसलिए मैं तब चुप रहा। मुझे पूर्व केंद्रीय मंत्री देवेंद्र यादव ने भी बताया कि ऐसी घटना हुई थी। बाद में दो सौ से अधिक लोगों ने मुझे फोन कर इस की पुष्टि की। इस बयान के बाद जदयू में घमासान हो गया है।
जांच का आदेश
मुख्यमंत्री ने कहा- मैंने मामले की जांच का आदेश दिया है। उन्होंने कहा कि जो भी दोषी होंगे उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। जांच की जिम्मेदारी दरभंगा की प्रमंडलीय आयुक्त वंदना किनी और आईजी अमरेंद्र कुमार अम्बेडकर को सौंपी गई है। इस बीच पूरे प्रकरण पर जदयू में घमासान मचा है। एक ओर देवेन्द्र यादव ने मुख्यमंत्री के आरोप को सही बताया तो दूसरी ओर मंत्री रमण ने कहा कि मुख्यमंत्री को इस बारे में देवेंद्र ने ही बताया था।
विपक्ष हमलावार
दोषियों की गिरफ्तारी का आदेश दें सीएम
घटना शर्मनाक और गैरकानूनी है। छुआछूत हमारे देश में अपराध है। इस मामले में मुख्यमंत्री को दोषियों को गिरफ्तार करने का आदेश देना चाहिए था। -रामविलास पासवान, लोजपा प्रमुख
कौन सच बोल रहा है, यह स्पष्ट हो
मुख्यमंत्री सच बोल रहे हैं या फिर जदयू के अन्य लोग, पहले यह तो सामने आए? यदि ऐसी घटना हुई है तो वह दुखद है। - नंदकिशोर यादव, भाजपा नेता
जेल व जुर्माना दोनों संभव
जांच में अगर मामला सही साबित हुआ तो दोषियों को कम से कम एक महीना और अधिकतम 6 महीने की जेल हो सकती है। साथ ही 100 से 500 रुपए तक का जुर्माना भी।
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