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दोस्ती का नया अध्याय: चिदंबरम ने नीतीश की मांग आगे बढ़ाईं

8 वर्ष पहले
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पटना। बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने की मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की मुहिम आज उस समय एक कदम आगे बढ़ती हुई दिखी जब केंद्रीय वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने राज्यों का पिछड़ापन तय करने के लिए एक उच्चस्तरीय कमेटी बनाने की घोषणा की। मुख्य आर्थिक सलाहकार रघुराम राजन की अध्यक्षता में यह कमेटी बनेगी। उन्होंने कहा, हमें भरोसा है कि बिहार पिछड़ेपन के मानकों को पूरा करेगा। इस तरह मानकों के बहाने इसे नीतीश कुमार की कांग्रेस से नजदीकी का नया अध्याय माना जा रहा है।

नालंदा और राजगीर के एक दिवसीय दौरे के बाद चिदंबरम और नीतीश कुमार स्टेट हैंगर में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। केंद्रीय वित्त मंत्री ने कहा कि राज्यों का पिछड़ेपन संबंधी मानक तय करने के लिए बनने वाली कमेटी एक महीने में अपनी रिपोर्ट सरकार को देगी। बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने संबंधी मांग के बारे में पूछे गये एक सवाल पर उन्होंने कहा कि पिछड़ेपन के बारे में कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद उसके बारे में विचार होगा।

चिट फंड कंपनियों के बारे में पूछे गये एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि कोलकाता हाईकोर्ट में चिट फंड कारोबार को लेकर एक मामले की सुनवायी चल रही है। अदालत अगर सीबीआई जांच के लिए कहेगी तो उसे स्वीकार किया जाएगा। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि कंपनी मामलों के विभाग ने बताया है कि चिट फंड कंपनियों की गतिविधयों को देखना राज्य सरकार का भी काम है।

केंद्रीय वित्त मंत्री ने कहा कि नालंदा अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालय को अगले दस साल में 2154 करोड़ रुपये दिये जाएंगे। बिहार में बैंकों के प्रदर्शन के बारे में कहा कि खासतौर से कृषि और प्राथमिक क्षेत्र वाली योजनाओं में कर्ज की गति तेज करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि चालू वित्त वर्ष में राज्य में 750 बैंकों की शाखाएं खुलेंगी। पिछले साल इसकी तादाद 410 थी।

जदयू से कांग्रेस की नजदीकी और पवन बसंल पर पूछे गये सवालों को वह टाल गये। इसके पहले चिदंबरम के यहां पहुंचने पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने उनकी अगवानी की। वहीं से मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री नालंदा चले गये। नालंदा विश्वविद्यालय के अवशेष का मुआयना करने के बाद चिदंबरम राजगीर में राज्य स्तरीय बैंकर्स कमेटी की बैठक में बैंकों के कामकाज की समीक्षा की।

चिदंबरम दिल्ली रवाना होने से पहले कांग्रेस मुख्यालय सदाकत आश्रम गये और पार्टी नेताओं के साथ राजनीति स्थितियों के बारे में चर्चा की। पार्टी अध्यक्ष अशोक चौधरी सहित बड़ी तादाद में कार्यकर्ता मौजूद थे।