फाइल फोटो बिहार विधान मंडल
पटना। विधानमंडल के शीतकानील सत्र की तैयारी में सत्ता पक्ष के साथ-साथ विपक्ष भी जुट गयी है। जहां सत्ता पक्ष ने सरकार के बेहतर कार्यों को हथियार बनाने की कार्ययोजना बनाई है वहीं विपक्ष सरकार पर हमलावर होगी।
भाजपा विधानमंडल में सरकार को घेरने के लिए कार्ययोजना बना रही है। गठबंधन टूटने के बाद से सरकार के प्रदर्शन को आधार बनाकर पार्टी सरकार को घेरेगी। दवा घोटाला, बोतलबंद शराब, बंद पड़ी कल्याणकारी योजनाएं, कन्या सुरक्षा योजना, स्वास्थ्य बीमा योजना, किसानों को बोनस, बढ़ते अपराध, ला एंड आर्डर जैसे कई मामलों पर पार्टी सरकार को घेरने की योजना बना रही है।
हालांकि पूर्व उपमुख्यमंत्री व भाजपा विधानमंडल दल के नेता
सुशील कुमार मोदी कहते हैं कि सत्र का अवधि काफी छोटी है लेकिन इसी में पार्टी सरकार को घेरने का कोई अवसर नहीं छोड़ेगी।
बिहार विधानमंडल का शीतकालीन सत्र 19 दिसम्बर से शुरु होगा। सत्र की अवधि छोटी होगी और यह मात्र पांच दिनों का होगा।
हालांकि सत्र 26 दिसम्बर तक चलेगा। इस दौरान 20, 21 और 25 दिसम्बर को सत्र की बैठक नहीं होगी। शीतकालीन सत्र में राज्यपाल द्वारा स्वीकृत अध्यादेशों की प्रति रखे जाने के अलावा कई विधेयक भी सदन पटल पर रखे जाएंगे।
साथ ही द्वीतीय अनुपूरक व्यय विवरणी भी पेश होगा जिसपर सदन की सहमति ली जाएगी। सत्र में एक दिन गैर सरकारी संकल्पों के लिए और एक दिन राजकीय विधेयकों के लिए आरक्षित रहेगा।
कार्यक्रम:
19 दिसम्बर- शपथ (यदि हो), राज्यपाल द्वारा प्रख्यापित अध्यादेश की प्रति रखा जाना
22 दिसम्बर- वर्ष 2014 -15 की द्वीतीय अनुपूरक व्यय विवरणी का उपस्थापन
23 दिसम्बर- गैर सरकारी संकल्प
24 दिसम्बर- राजकीय विधेयक व अन्य राजकीय कार्य
26 दिसम्बर- द्वीतीय अनुपूरक व्यय विवरणी पर सामान्य वाद-विवाद व राजकीय विधेयक व अन्य राजकीय कार्य
20-21 व 25 दिसम्बर- बैठक नहीं