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डाउनलोड करेंपटना. नगर निगम में कचरा ढोने के लिए जरूरत से ज्यादा गाडिय़ों का इस्तेमाल दिखाकर 1.19 करोड़ रुपए की अनियमितता ऑडिट ने पकड़ी है। सारी अनियमितता बांकीपुर अंचल में हुई। वरीय लेखा परीक्षक ने पाया है कि यहां 20 ट्रैक्टर, तीन टीपर और दो जेसीबी मशीन कचरा ढोने के लिए किराये पर ली गई। इसकी जरूरत नहीं थी। निगम द्वारा उपलब्ध कराए गए चार ट्रैक्टर, दो टीपर और एक जेसीबी से कचरा उठाया जा सकता है।
आपत्ति इस बात पर भी है कि बांकीपुर अंचल में वर्ष 2010 से 2013 तक इतने कचरे का उठाव दिखाया गया, जितने का उत्सर्जन संभव ही नहीं है। निगम का आंकड़ा कहता है कि यहां से प्रतिदिन 140 टन कूड़े का उठाव किया गया। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण पर्षद की मानें तो यहां 96.57 टन कूड़ा ही निकलता है। आयुक्त कुलदीप नारायण कहते हैं कि ऑडिट की आपत्तियों के मद्देनजर मामले की जांच कराई जाएगी।
आंकड़ों ने ही खोल दी अनियमितता की पोल
विश्व में सबसे ज्यादा कचरा बांकीपुर में!
निगम के आंकड़े बता रहे हैं कि यहां प्रति व्यक्तिप्रतिदिन 1073 ग्राम कचरा अपशिष्ट किया जाता है। देश में किसी भी महानगर में प्रति व्यक्ति प्रतिदिन इतना कचरा अपशिष्ट नहीं होता। दिल्ली में यह आंकड़ा 570 ग्राम, मुंबई में 450 ग्राम, चेन्नई में 620 ग्राम और कोलकाता में 580 ग्राम है। दुनिया में इतना आंकड़ा कहीं नहीं है।
ड्राइवरों से पौने 15 घंटे काम
कूड़ा उठाने वाले वाहन चालकों से लगातार पौने पंद्रह घंटे काम कराया गया। बिना खाए-पीए, मल-मूत्र त्याग किए कोई कैसे इतनी देर तक काम कर सकता है। अगर ऐसा है तो फिर मोटर ट्रांसपोर्ट वक्र्स एक्ट 1961 का उल्लंघन किया गया।
आयुक्त को थी जानकारी
निगम के लेखा पदाधिकारी ने पिछले साल 14 जनवरी को बांकीपुर अंचल में अनियमित रूप से कूड़ा उठाने वाली गाडिय़ों के परिचालन की जानकारी आयुक्त को दी थी। आयुक्त की ओर से इस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई।
बांकीपुर में दूसरे अंचलों के आंकड़े भी तोड़े
कंकड़बाग अंचल में 11 वार्ड है और बांकीपुर में बारह। जनसंख्या दोनों की लगभग बराबर है। इस स्थिति में बांकीपुर के लोगों ने कंकड़बाग के मुकाबले दोगुना कचरा कैसे अपशिष्ट कर दिया। वरीय लेखा परीक्षक ने इस बात पर भी आपत्ति जताई है। पूछा गया है कि इतनी ज्यादा मात्रा में कूड़ा अपशिष्ट होने की जांच कभी क्यों नहीं कराई गई? इसमें भी घालमेल है। जांच करें।
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