(भूमि अधिग्रहण के विरोध में सड़क पर आगजनी भी की)
पटना. दीघा की 1024.52 एकड़ जमीन में 400 एकड़ भू-भाग का अधिग्रहण कर बिहार राज्य आवास बोर्ड की ओर से आवास बनाने, शेष 600 एकड़ जमीन में बंदोबस्ती शुल्क लगाकर सभी निर्माणों को नियमित करने के आवास बोर्ड के निर्णय का दीघा के लोगों ने जमकर विरोध किया। कहा कि न जमीन देंगे और न ही सरकार को बंदोबस्ती शुल्क।
रविवार को दीघा-आशियाना मुख्य मार्ग पर केके सिंह के मार्केट में दीघा कृषि भूमि आवास बचाओ संघर्ष समिति, 1024.52 एकड़ जमीन अधिग्रहण मुक्ति माेर्चा,राजीव नगर व्यावसायिक न्याय के संयुक्त बैनर तले क्षेत्रवासियों की आम सभा हुई। इसमें सैकड़ों की संख्या में दीघा
क्षेत्र के लोगों ने एकजुट हो सरकार के इस निर्णय के विरोध में जमकर नारेबाजी की और सड़क जाम किया।
दीघा संघर्ष समिति के अध्यक्ष मनोरंजन प्रसाद सिंह ने कहा कि पिछले 40 वर्षाें की लड़ाई के बाद सरकार झुकी है। इसमें सरकार क्षेत्र के निर्माणों को तोड़ने के कदम से पीछे हटी है, लेकिन हमें बंदोबस्ती शुल्क लगाकर निर्माणों को नियमित करने का निर्णय भी मंजूर नहीं है। आवास बोर्ड या सरकार को हम अपनी जमीन को लेकर कोई शुल्क किसी कीमत पर नहीं देंगे।
आंदोलन को और धार देंगे
सैकड़ों की संख्या में जुटे लोगों ने घंटों दीघा-आशियाना मार्ग को जाम रखा। सरकार के निर्णय का विरोध कर रहे राजीव नगर के अशोक कुमार ने कहा कि सरकार हमारी मांगों को अगर नहीं मानती है तो आगे और उग्र आंदोलन किया जाएगा। सड़क जाम, धरना प्रदर्शन और आमरण अनशन करने की भी तैयारी है। किसी भी हालत में आवास बोर्ड की मनमानी नहीं चलेगी। जमीन के एवज में किसी क्षेत्र के लोग कोई शुल्क सरकार या आवास बोर्ड को नहीं देंगे।
आगे की स्लाइड में पढ़ें फूट डालों और राज करो की नीति अपना रही सरकार