पटना. नए बिल्डिंग बाइलॉज के मुताबिक, अब आवासीय हो या गैर आवासीय, सभी बिल्डिंग इको फ्रेंडली बनेगी। बिना पेड़-पौधा लगाए भवन नहीं बनाया जा सकेगा। निर्माण शुरू करने से पहले ही इसके लिए जमीन छोड़नी होगी। गार्डेन लगाने के लिए प्रोत्साहित भी किया जाएगा। नए बिल्डिंग बाइलॉज में हर भवन में जमीन के न्यूनतम पांच प्रतिशत और बहुमंजिला भवन (मल्टी स्टोरेज, ग्रुप हाउसिंग, अपार्टमेंट, एजुकेशनल बिल्डिंग आदि) में जमीन के न्यूनतम दस प्रतिशत हिस्से में पेड़-पौधे लगाने का प्रावधान किया गया है।
25 फीसदी एरिया पार्किंग के लिए
पार्किंग के लिए टोटल बिल्ड अप एरिया का न्यूनतम 25 और अधिकतम 35 प्रतिशत हिस्सा रखने के लिए कहा गया है। अपार्टमेंट और ग्रुप हाउसिंग में पार्किंग एरिया का कम से कम 15 प्रतिशत गेस्ट और एबुलेंस के लिए होगा।
500 वर्ग मीटर से कम जमीन पर रेस्टोरेंट नहीं
व्यवस्थित तरीके से भवन निर्माण के लिए प्लॉट के आकार व सड़क की चौड़ाई के हिसाब से बिल्डिंग का निर्धारण किया गया है। 500 वर्ग मीटर से कम के प्लॉट पर रेस्टोरेंट, एलपीजी स्टोरेज, कम्युनिटी हॉल और पेट्रोल पंप आदि नहीं बना सकते हैं। साथ ही सड़क की चौड़ाई न्यूनतम चौड़ाई 12.20 मीटर जरूरी होगी। कुछ अपवाद के मामलों में ऑथोरिटी सरकार से अनुमति लेकर प्लॉट के न्यूनतम आकार को रिवाइज कर सकती है। योजना को पारित करते समय न्यूनतम जमीन को रियायत देने की सीमा पांच फीसदी होगी।