पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर
डाउनलोड करेंपटना। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि केंद्र सरकार अगर बिहार को विशेष राज्य का दर्जा नहीं है तो यह मुद्दा 2014 में होने वाले लोकसभा चुनाव के दौरान राजनीतिक मुद्दा बनेगा। उन्होंने कहा कि सभी राज्यों का विकास होने से भारत विकास के मामले में चीन से भी आगे निकल सकता है।
आज यहां जनता दरबार के बाद पत्रकारों से बातचीत में नीतीश कुमार ने कहा कि बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग अव्वल तो राजनीतिक नहीं है। लेकिन अगर केंद्र सरकार इस मांग को स्वीकार नहीं करती है तो यह राजनीतिक मुद्दा बन जाएगा। वस्तुत: यह मुद्दा हर बिहारी का बन गया है। राज्य का बच्चा-बच्चा समझ गया है कि विशेष दर्जा मिलने पर तेजी से विकास होगा।
हाल में केंद्रीय वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने पिछड़े राज्यों का मानक तय करने के बारे में एक कमेटी बनाने के बारे में घोषणा की थी। इस घोषणा पर जब नीतीश कुमार का ध्यान दिलाया गया तो उन्होंने कहा कि यह नयी बात नहीं है। लोकसभा में बजट पूर्व आर्थिक सर्वेक्षण और उसके बाद बजट भाषण के दौरान केंद्र सरकार पिछड़े राज्यों के लिए कसौटी तय करने का ऐलान कर चुकी है। हम तो विशेष राज्य का दर्जा चाहते हैं।
उन्होंने कहा कि बिहार की आबादी देश की कुला आबादी का आठ फीसदी से कुछ अधिक है। मगर राष्ट्रीय विकास में बिहार की हिस्सेदारी महज 2.9 फीसदी के आसपास है। हम तो चाहते हैं कि बिहार की हिस्सेदारी आठ फीसदी से ज्यादा हो। उन्होंने कहा कि हमने पिछड़ेपन और विशेष दर्जे की लड़ाई में वैसे सभी राज्यों को शामिल करने की कोशिश की है जो किन्ही वजहों से पिछड़ गये हैं। उन्होंने कहा कि पिछड़े राज्यों को विशेष दर्जा मिलने से देश का विकास उसी अनुपात में होगा और हम चीन से भी आगे निकल जाएंगे। विशेष दर्जे की मांग के उन्होंने संदर्भ में पटना और दिल्ली में हुई अधिकार रैली तथा सवा करोड़ लोगों के हस्ताक्षर अभियान का हवाला दिया।
Copyright © 2021-22 DB Corp ltd., All Rights Reserved
This website follows the DNPA Code of Ethics.