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दर्ज है हत्या का केस, पुलिस ने अन्नू को लखनऊ से जिंदा पकड़ा

8 वर्ष पहले
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पटना. पिता मंजू सिंह ने शादीशुदा पुत्री अन्नू देवी की हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था, लेकिन पुलिस उसे लखनऊ से जिंदा बरामद कर ले आई। दरअसल, युवती अन्नू 28 अगस्त 2013 को ससुराल से भागकर अपने प्रेमी के पास चली गई थी। परसा बाजार थाने की पुलिस ने अन्नू को लखनऊ के विजयनगर से उसके प्रेमी श्रवण के घर से बरामद किया। शनिवार सुबह उसे पटना लाया गया।

पुलिस के पहुंचने से पहले ही श्रवण फरार हो गया। श्रवण अन्नू का दूर का रिश्तेदार भी है। इधर, पुलिस ने अन्नू के पिता और मां को उसके जिंदा रहने की सूचना दी तो वे भौचक रह गए। पुलिस अन्नू का कोर्ट में बयान दर्ज कराने के बाद आगे की कार्रवाई करेगी।

अन्नू कुरथौल निवासी मंजू की इकलौती पुत्री है। अन्नू की शादी 2004 में रूपसपुर निवासी मनोज कुमार से हुई थी। दस साल बाद भी अन्नू को औलाद नहीं हुआ है। मनोज बढ़ई मिस्त्री का काम करता है। श्रवण भी लखनऊ में बढ़ई मिस्त्री का काम करता है।

अन्नू के मोबाइल का सीडीआर निकाला तो उसके जिंदा रहने का खुलासा हुआ। भागने से पहले और बाद में उसने श्रवण से कई बार बात की थी। पुलिस ने दोनों के मोबाइल का लोकेशन लिया तो लखनऊ का मिला। पुलिस ने लखनऊ से उसे बरामद कर लिया।

पति, सास पर दर्ज हुआ था केस

मंजू ने कहा कि मैंने जानबूझकर ऐसा नहीं किया था। हमें पता चला था कि अन्नू की हत्या कर दी गई है। पटना सिविल कोर्ट में 15 दिसंबर को परिवाद मुकदमा दर्ज कराया। इसमें पति मनोज, सास गीता देवी व ननद पिंकी कुमारी को आरोपी बनाया गया था। कोर्ट के निर्देश पर परसा बाजार थाने में केस दर्ज कराया था। तब से पति, ननद व सास फरार थे।
दिल्ली में श्रवण और अन्नू की हुई थी भेंट : शादी के एक-दो साल बाद अन्नू व श्रवण की दिल्ली में मुलाकात हुई थी। श्रवण की चचेरी बहन के यहां एक कार्यक्रम में दोनों की भेंट हुई थी।