पटना. बेटे द्वारा लव मैरिज किए जाने से नाराज एक पिता ने अपने बेटे पर एक करोड़ रुपए के मानहानि का केस दायर किया है। पिता का कहना है कि बेटे के इस करतूत से उनके पूरे परिवार की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची है। ऐसे में बेटे को परिवार का वारिस होने का कोई हक नहीं है।
पेशे से वकील सिद्ध नाथ शर्मा ने अपने बेटे सुशांत जासु पर एक करोड़ रुपये की मानहानि का मुकदमा दायर किया है। शर्मा ने कोर्ट से आग्रह किया है कि ऐसे लड़के से परिवार का 'सरनेम' उपयोग करने का कोई अधिकार नहीं है। अतः उसका सरनेम वापस ले लिया जाए। सिद्ध नाथ शर्मा का बेटा सुशांत जासु पेशे से वकील है औऱ उसकी पत्नी एक बैंक अधिकारी है। इन दोनों ने 19 नवंबर 2013 को दानापुर के एक मंदीर में शादी कर ली थी।
हफ्ते के आखिर में हुई सुनवाई के दौरान पटना के दानापुर कोर्ट ने एडवोकेट शर्मा की दलीलें सुनी। सुनवाई की अगली तारीख 25 जनवरी की तय की गई है. सिद्ध नाथ शर्मा ने अदालत से कहा कि उनके बेटे ने इस महिला के साथ प्यार में पड़कर उससे विवाह करने का फैसला ठीक नहीं किया है।
इस मामले में वरीय वकील आशुतोष झा का कहना है कि जब लड़का 18 वर्ष की आयु पूरा कर लेता है तो वह किसी से भी शादी करने के लिए स्वतंत्र है।