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न्यायालय के आदेश पर जदयू सांसद एवं उनकी पत्नी के खिलाफ FIR

8 वर्ष पहले
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पटना/भागलपुर। बिहार में भागलपुर के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी के आदेश पर जमुई संसदीय क्षेत्र से जनता दल यूनाईटेड के सांसद भूदेव चौधरी और उनकी पत्नी इंद्राणी चौधरी समेत 20 लोगों के खिलाफ मोजाहिदपुर थाना में जमीन पर कब्जा करने और मारपीट को लेकर एक मुकदमा दर्ज किया गया है।

भागलपुर के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी एस.बी. मालवीय की अदालत में पिछले सात जनवरी को मोजाहिदपुर थाना क्षेत्र के राजबली चक मुहल्ला निवासी परमानंद शर्मा ने एक परिवाद वाद दायर किया था जिसमे जद यू सांसद भूदेव चौधरी . उनकी पत्नी इंद्राणी चौधरी और बिहार प्रशासनिक सेवा के अधिकारी सुबीर रंजन तथा नवीन भूषण समेत 20 लोगों को अभियुक्त बनाया गया था। परिवाद वाद में आरोप लगाया गया था कि सांसद श्री चौधरी ने अपने कुछ समर्थकों के साथ 29 दिसम्बर को उनके घर में जबरन घुस कर मारपीट की और मकान को बुलडोजर से ध्वस्त करवा दिया था १इस मामले में जगदीशपुर के अंचलाधिकारी और कई पुलिसकर्मी भी सहयोग कर रहे थे।

परिवाद में यह भी आरोप लगाया गया है कि भागलपुर के भूमि उप समाहत्र्ता सुबीर रंजन ने अवैध रुप से जद यू सांसद को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से उनके निवास एवं संपत्ति का सीमांकन कर दखल दिलाने का आदेश जारी किया था। इस पर उन्होंने एक जनवरी तक उक्त आदेश को स्थगित रखने का आग्रह किया था। बावजूद इसके उनके मकान को ध्वस्त करवा दिया गया। इसी मामले में संज्ञान लेते हुए न्यायाधीश श्री मालवीय ने 10 जनवरी को भागलपुर के वरीय पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार को स्थानीय थाने में मामला दर्ज कर जांच का आदेश दिया था, लेकिन मुकदमा दर्ज नहीं किये जाने पर वादी परमानंद शर्मा द्वारा न्यायालय को फिर से सूचना दी गयी।

इसके बाद मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी ने इस मामले में दुबारा वरीय पुलिस अधीक्षक को मामला दर्ज करने को कहा जिसके बाद कल रात सांसद श्री चौधरी और उनकी पत्नी इंद्राणी चौधरी समेत 20 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। इसी मामले में जिलाधिकारी की अदालत ने जमीन का मूल्यांकन कम करने और स्टांप शुल्क की चोरी के मामले को सही ठहराते हुए कल सांसद की पत्नी इंद्राणी चौधरी से करीब 11 लाख रुपये का जुर्माना वसूलने का आदेश दिया है। आदेश में यह भी कहा गया है कि यदि 15 दिनों के अंदर जुर्माने की राशि राजस्व कोष में जमा नहीं की जाती है तो जमीन का निबंधन रद्द कर दिया जायेगा। इस जमीन के निबंधन में दो मंजिला मकान को परती जमीन के रुप में लिखा गया है।