पटना. मुंगेर के पूर्व सांसद धनराज सिंह के पुत्र अमरेंद्र कुमार ने खुदकुशी की थी। पुलिस को उनकी हत्या या फिर राजगीर-दानापुर ट्रेन से गिरने के कोई साक्ष्य नहीं मिले हैं। वैज्ञानिक साक्ष्य और अन्य स्रोतों से मिली जानकारी खुदकुशी की ओर इशारा कर रहे हैं। संभव है पुलिस एक-दो दिनों में इस बाबत खुलासा कर दे।
अमरेंद्र पटना में रिक्शा या ऑटो से चलते थे, कार से नहीं। अमरेंद्र के एक पुराने दोस्त ने रेल पुलिस को ऐसी जानकारी दी है। सूत्रों की मानें तो अमरेंद्र के
मोबाइल के टावर लोकेशन के अनुसार वे मंगलवार यानी 9 दिसंबर को पुनाईचक स्थित घर से दिन के लगभग 11:32 बजे निकले। वहां से डाकबंगला पहुंचे। फिर शास्त्रीनगर, राजाबाजार होते हुए जगदेवपथ आए।
वहां से हारुननगर यानी फुलवारीशरीफ गुमटी पर पहुंचने के बाद दानापुर स्टेशन की ओर लगभग 200 मीटर दूर गए। इसी बीच शाम लगभग 6:30 बजे ट्रेन वहां से गुजरी। कोई आदमी जबरन इतनी जगहों पर ले जाए, यह संभव नहीं दिखता। इसलिए माना जा रहा है कि वे रेल लाइन तक अपनी मर्जी से गए।
खुदकुशी के कई संकेत, परिजनों ने किसी पर नहीं जताया हत्या का शक
पुलिस को दिए बयान में पूर्व सांसद समेत उनके किसी परिजन ने हत्या की बात नहीं कही है। किसी पर इन लोगों ने शक भी नहीं जताया है। एक और बात, अगर उनकी ट्रेन से गिरने से मौत होती या ट्रेन पर से कोई उन्हें ढकेल देता तो राजगीर-दानापुर सवारी गाड़ी के इंजन में खून का धब्बा नहीं रहता। इंजन से ही उनके चश्मे का शीशा भी बरामद किया गया है। जिन लोगों से अमरेंद्र ने घर से निकलने के बाद बात की या मैसेज भेजा, उनमें से किसी का भी मोबाइल टावर का लोकेशन इस रूट पर नहीं पाया गया है। चौथा संकेत यह कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी ऐसी किसी बात का जिक्र नहीं है, जिसमें हत्या प्रतीत होती हो।
...तो खुदकुशी के कारणों की होगी जांच
अगर खुदकुशी ही तय पाया गया तो पुलिस को एक बार फिर इस बात की जांच करनी होगी कि इसके पीछे क्या वजह थी। क्या किसी ने उन्हें खुदकुशी करने के लिए मजबूर किया? कौन हैं वे लोग, जिन्होंने ऐसी हालत बना दी कि आत्मघाती कदम उठाना पड़ा। इसमें पटना से लेकर जमशेदपुर तक उनके नजदीकी लोगों से पूछताछ हो सकती है। अमरेंद्र की पत्नी ने पुलिस को कुछ ऐसी बातें कहीं हैं, जिससे पुलिस काे लग रहा है कि उन्हीं वजहों से आत्मघाती कदम उठाना पड़ा होगा।
पिता-पुत्र में नहीं हुई थी बात
सूत्रों के अनुसार, पूर्व सांसद ने पूछताछ में पुलिस को बताया था कि पिछले तीन माह से अमरेंद्र से उनकी बात नहीं थी। उधर, अमरेंद्र का मोबाइल व घड़ी बरामद हो गया है। घटनास्थल के पास से ही गरीबों ने इसे मौके से उठाया था।