पटना। प्रदेश जदयू प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा कि वर्ष 2015 का विधानसभा चुनाव नीतीश कुमार के नेतृत्व में लड़ा जाएगा। जदयू की इस मामले में स्पष्ट सोच है। नीतीश ने बिहार में कानून का राज कायम करके दिखाया है।
लोकसभा चुनाव के बाद जदयू ने गैर भाजपा मोर्चा बनाने की कवायद को तेज किया। देश में नए गठबंधन का आगाज होने से परेशान भाजपा तरह-तरह की अफवाह उड़ा कर जनता के मन में भय पैदा करने की कोशिश कर रही है।
जदयू प्रवक्ता ने कहा कि नैतिकता और सिद्धांत की बात करने वाली भाजपा को जनता दल परिवार की एका सवाल पर उठाने से पहले अपने राजनैतिक गठबंधन के नैतिक पक्ष पर अपनी राय जाहिर करनी चाहिए। ऐसा इसलिए भी जरूरी है क्योंकि लोकसभा चुनाव का जनादेश गठबंधन के रूप में भाजपा के पक्ष में गया है।
भाजपा नेता
सुशील कुमार मोदी बताएं कि क्या आरा के सांसद आर.के.सिंह को पार्टी में शामिल कराते समय भाजपा ने किसी भी राजनैतिक दल से गठबंधन नहीं करने की राय व्यक्त की थी। अगर यह बात सही है तो फिर भाजपा ने किस से भयभीत होकर उस आदमी की पार्टी से गठबंधन किया जिसने प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार को दंगाई और हत्यारा कहा था।
भाजपा को यह भी बताना चाहिए कि उसने राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद के हनुमान कहे जाने वाले रामकृपाल यादव को सांसद एवं मंत्री क्यों बनाया? दूसरी ओर हुकुमदेव नारायण यादव जैसे पुराने भाजपाई की केंद्रीय मंत्रिमंडल में अनदेखी क्यों कर दी गई।