(परसबिगहा नरसंहार में पकड़ाया विनय सिंह।)
पटना. जहानाबाद के परसबिगहा में वर्ष 1980 में हुए नरसंहार के सरगना विनय कुमार सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया। पटना पुलिस ने उसे शास्त्रीनगर में नारायण सिटी अपार्टमेंट के फ्लैट नंबर 104 से गुरुवार को दबोचा। यह फ्लैट विनय के पुत्र गौरव सिंह का है। विनय यहां पिछले तीन-चार माह से रह रहा था। सुप्रीम कोर्ट ने वर्ष 1996 में उसे उम्रकैद की सजा सुनाई थी।
एसएसपी मनु महाराज ने बताया कि पुलिस को चकमा देने के लिए परिजनों ने विनय का दाह संस्कार से लेकर
श्राद्ध तक कर दिया था। नरसंहार के चंद दिनों बाद ही पुलिस ने विनय को गिरफ्तार किया था। वर्ष 2000 में किसी परिजन की मौत होने के बाद उसे पे रोल पर छोड़ा गया था। उसके बाद से वह फरार था।
दरअसल, 23 फरवरी 1980 को हथियारबंद लोगों ने परसबिगहा गांव पर हमला बोल दिया था। गांव में चारों ओर से आगजनी के बीच गोलियों की बौछार की गई थी। इसमें 36 से अधिक लोग मारे गए थे। हालांकि आधिकारिक तौर पर 18 के मारे जाने और 18 के घायल होने की पुष्टि की गई थी। आगजनी में भारी संख्या में जानवरों की भी मौत हुई थी।
विनय को पुलिस के आने की भनक लग गई तो वह कपड़ों के बीच छिप गया। पुलिस बाथरूम से लेकर शौचालय व अन्य हिस्सों को खंगाल डाला। लेकिन, उसका कुछ पता नहीं चला। इतने में एक पुलिसकर्मी की नजर कपड़ों पर पड़ी जो हिल रहा था। विनय उसी के अंदर था।
परसबिगहा नरसंहार सादी वर्दी में पुलिस ने विनय को पकड़ा
पटना पुलिस तीन-चार माह से परसबिगहा नरसंहार के सरगना विनय कुमार सिंह के पीछे लगी थी। नरसंहार के एक पीड़ित ने पुलिस को बताया था कि विनय पटना में रह रहा है। शुरू में तो पुलिस को यकीन ही नहीं हो रहा था। क्योंकि उसका दाह-संस्कार व श्राद्ध करने देने की बात कही गई थी, लेकिन पुलिस ने पीड़ित परिजन की सूचना को अनदेखा नहीं किया। पुलिस ने राजधानी के कई इलाकों में छापेमारी की, लेकिन कुछ पता नहीं चला। एक सप्ताह पहले पता चला कि एक लंबे-चौड़े कद काठी का एक व्यक्ति गौरव के फ्लैट में रह रहा है।
एसएसपी ने टाउन एएसपी बलिराम चौधरी व शास्त्रीनगर थानेदार रमेश सिंह व अन्य पुलिसकर्मियों की एक टीम बनाई। टीम एक पिछले एक सप्ताह तक अपार्टमेंट के इर्द-गिर्द सादी वर्दी में उसका टोह लेती रही। फिर पुलिस ने छापेमारी कर उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस विनय को गिरफ्तार करने लिए पिछले 15 वर्षों में झारखंड, उत्तरप्रदेश, असम, दिल्ली के साथ ही बिहार में छापेमारी की थी।
परिजनों पर होगी प्राथमिकी
एसएसपी मनु महाराज ने बताया कि पुलिस विनय के पुत्र गौरव पर प्राथमिकी दर्ज करेगी। उसपर फरार सजायाफ्ता को पनाह देने का मुकदमा और सरकारी काम में बाधा डालने का भी मामला दर्ज होगा। साथ ही विनय के उन लोगों पर भी मुकदमा दर्ज होगा जिन्होंने उनके पुलिस से बचाने कि लिए दाह-संस्कार व श्राद्ध करने की बात कही थी।
56 पर हुई थी चार्जशीट
घटना- 23 फरवरी 1980 मुख्य आरोपी - विनय कुमार सिंह क्या हुआ था। 13 लोगों की नृशंस हत्या, 17 लोग बुरी तरह घायल, कई जानवरों को जला दिया गया था। कुल 56 आरोपितों पर चार्जशीट हुआ था लेकिन साक्ष्य के अभाव में 44 पर ट्रायल चला।