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बदबू आई तो पता चला डॉक्टर साहब नहीं रहे, चार दिन पहले हुई थी मौत

7 वर्ष पहले
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पटना. घर के अंदर संदिग्ध परिस्थितियों में बुजुर्ग डॉक्टर तारकेश्वर प्रसाद सिंह की मौत हो गई। गुरुवार को कदमकुआं थाने के दरियापुर गोला इलाके में स्थित घर से पुलिस ने उनकी सड़ी-गली शव को बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए पीएमसीएच भेज दिया। रेलवे से रिटायर डॉक्टर 80 वर्षीय तारकेश्वर जीर्ण-शीर्ण छोटे मकान में रहते थे।

मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों के मुताबिक शव को देखने से ऐसा लगता है कि तीन-चार दिन पहले ही मौत हुई थी। परिजनों के मुताबिक अविवाहित तारकेश्वर अकेले ही रहते और होटल में खाते थे। स्थानीय लोगों ने बताया कि बीती रात 10 बजे से ही घर से दुर्गंध आने पर परिजनों को सूचना दी गई। फिर जानकारी मिलने पर पुलिस पहुंची।

चौकी से गिरने के कारण हुई मौत: टाउन डीएसपी बलराम चौधरी के मुताबिक परिस्थितियों को देखते हुए प्रथम दृष्टया ऐसा लगता है कि चौकी से गिरने पर चोट लगने के कारण बुजुर्ग डॉक्टर की मौत हुई है। घटनास्थल पर खून बिखरा हुआ था। बुजुर्ग के शरीर से रजाई लिपटी हुई थी। वैसे पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर स्थिति स्पष्ट होगी। तारकेश्वर की गरीबी ऐसी कि घर में बिजली तक नहीं थी। दरवाजे में कुंडी की जगह रस्सी बांध कर और कुर्सी लगा कर बंद किया जाता था। तारकेश्वर की मौत के मामले में कदमकुआं थाने में यूडी केस दर्ज कर पुलिस तफ्तीश कर रही है।

पड़ोसी व परिजनों से रखते थे दूरी

तारकेश्वर के घर के सामने पान दुकान चलाने वाले उनके दूर के रिश्तेदार (चचेरे भांजे) भानू प्रताप सिन्हा ने बताया कि चार-पांच दिनों से बुजुर्ग घर से बाहर नहीं निकल रहे थे। बीते बुधवार को दरवाजे के समीप खून देखने पर लोगों को लगा कि दवा गिरी है। बाद में कमरे से दुर्गंध आने पर अनहोनी की आशंका हुई। तारकेश्वर पड़ोसी या परिजनों से दूरी बना कर रखते थे। स्थानीय गोपाल ने बताया कि किसी के साथ तारकेश्वर का मेल-जोल नहीं था। अपने घर के सामने सड़क पर पर्व-त्यौहार के समय साफ-सफाई या सजावट करने से भी रोकते थे।