(कन्वेंशन हॉल बनने के दौरान दबाव से मगध महिला कॉलेज के कल्याण हॉस्टल के कमरों में पड़ रही दरार।)
पटना. मगध महिला कॉलेज के बगल में कन्वेंशन हॉल के निर्माण कार्य से कल्याण हॉस्टल की दीवार में दरार पड़ गई है। लोहे के ढांचे जब जमीन पर गिरते हैं तो हॉस्टल की बिल्डिंग में कंपन-सा होने लगता है। कमरों में मौजूद अलमारी, बिस्तर और टेबल हिलने लगते हैं। इतना ही नहीं, हॉस्टल में रहनेवालीं छात्राएं कन्वेंशन हॉल के निर्माण में लगे कर्मचारियों से भी परेशान हैं। छात्राओं का कहना है कि वहां के लोग फब्तियां कसते हैं। इस बाबत छात्राओं ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है।
स्टाफ क्वार्टर के लोग परेशान
हॉस्टल में रहने वाली सभी छात्राएं दलित व महादलित परिवार से हैं। उनका कहना है कि मगध महिला कॉलेज में वहां के स्टाफ के लिए क्वार्टर बने हैं। जब से निर्माण शुरू हुआ, स्टाफ क्वार्टर टूट कर गिर रहा है। छात्राओं का कहना है कि सरकार को इस पर विचार करना चाहिए। छात्राओं की परेशानी समझनी चाहिए। आिखर हम पढ़ाई कैसे करेंगे।
हमेशा डरी रहती हैं बुजुर्ग ललिता
ललिता देवी ने बताया कि उनके क्वार्टर के एक रूम के कोने में जमीन से सीलिंग तक दरार पड़ गई है। बुजुर्ग ललिता देवी को हमेशा डर लगता है कि पूरी छत न गिर जाए। दूसरे क्वार्टर में रहने वाले रामजी शाह के यहां पांच दिन पहले एक बच्चे का जन्म हुआ है। उनके परिवार वाले भी डरे-सहमे हैं। रात के सन्नाटे में जब जोर से लोहे पटके जाते हैं, तो क्वार्टर में रहने वाले लोग चौंक जाते हैं।
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