बेगूसराय। मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने मोदी सरकार पर बिहार की अनदेखी का आरोप लगाते हुए कहा कि बिहार पिछड़ा राज्य है उसके बाद भी आगामी वित्तीय बजट में लगभग 5 हजार करोड़ की कटौती की जा रही है। सीएम ने कहा कि आर्थिक परेशानी के कारण सोचा हुआ बहुत सारा कार्य नहीं कर पाता हूं। आशा, शिक्षक, होमगार्ड आदि वेतन बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। 10 हजार वेतन देने में ही हम परेशान हैं 25 हजार कहां से दे पाएंगे। उन्होंने कहा कि बिहार से सतभईया मंत्री हैं इन्हे चाहिए कि बिहार के लिए कुछ खास करें। उन्होंने कहा कि नरेन्द्र मोदी और राजनाथ सिंह से जब भी दिल्ली में मिला हूं बहुत प्यार मिला है इसलिए मुझे विश्वास है कि नमो सरकार से हमें पूरा सहयोग मिलेगा।
पहले इतनी बेईमानी नहीं थी
सीएम ने कहा कि मुजफ्फरपुर में दिए गए बयान का गलत मतलब निकाला गया। उन्होंने यह कतई नहीं कहा कि कहा कि पढ़े लिखे लोग भ्रष्टाचार करते हंै बल्कि मेरा कहना है कि जब 13 प्रतिशत साक्षरता दर था तो इतनी बेईमानी नहीं थी जितनी 64 प्रतिशत साक्षरता दर होने पर है।
अभाविप कार्यकर्ताओं ने दिखाया काला झंडा
मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी को अभाविप ने काला झंडा दिखाया तथा अर्धनग्न प्रदर्शन किया। सभा से लौटने के दौरान अभाविप ने ट्रैफिक चौक पर सीएम का विरोध किया। छात्रों का आरोप है कि सीएम ने पिछली बार के दौरे में बेगूसराय में विश्वविद्यालय का उपकेन्द्र खोलने की बात कही थी लेकिन दो माह के बाद भी उस पर कार्रवाई नहीं हुई। छात्र एलएनएमयू के वीसी के जातीय सम्मेलन में शामिल होने का भी विरोध कर रहे थे।
बेगूसराय में मेडिकल कॉलेज जल्द खोलने की घोषणा
मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने बेगूसराय में मेडिकल कॉलेज खोलने की घोषणा करते हुए कहा कि समस्तीपुर की तरह ही बेगूसराय में भी मेडिकल कॉलेज खोला जायेगा। उन्होंने कहा कि सिहमा में +2 स्कूल शुरु किया जायेगा और एक महीने के अंदर शिक्षक की प्रतिनियुक्ति कर दी जायेगी। उन्होंने सिहमा में 30 बेड का अस्पताल जल्द शुरू करने का आश्वासन देते हुए कहा कि आज जिस अस्पताल का शिलान्यास किया गया तीन महीने के अंदर उसका निर्माण पूरा कर लिया जायेगा।
लोग अपने बच्चों को मां-पिताजी बोलना सिखाएं मॉम-डैड नहीं
सिंहमा में मांझी ने अध्यापक की भूमिका निभाते हुए संस्कृति का पाठ पढ़ाया। उन्होंने कहा कि देश की संस्कृति काफी मजबूत है प्रत्येक काम हमारे स्वास्थ और संस्कार से जुड़ा है। बच्चों को मॉम डैड नहीं बल्कि मां पिताजी बोलना सिखाएं। लोग ऊंची डिग्री तो हासिल कर लेते हैं लेकिन उनमें सामाजिकता और राष्ट्रीयता की कमी होती जा रही है। जनसभा में नगर विकास मंत्री सम्राट चौधरी, आद्री सदस्य शैवाल गुप्ता, विधायक रामानंद राम, पूर्व सांसद शत्रुघ्न प्रसाद सिंह, जिप अध्यक्ष इंदिरा देवी भी थीं।