पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर
डाउनलोड करेंपटना. बांकीपुर क्लब के बार में गुरुवार सुबह दवा व्यवसायी वीरेश रंजन उर्फ बीरू बाबू का शव मिला। परिजनों ने हत्या किए जाने की बात कही है। उनकी बेटी रोहिनी रंजन के बयान पर गांधी मैदान थाने में हत्या की प्राथमिकी दर्ज की गई है।
दवा व्यवसायी के दामाद पुनीत जैन ने बताया कि कान, होंठ, सिर व अन्य जगहों पर जख्म के निशान हत्या की हकीकत बयां करते हैं।
सुबह पांच बजे क्लब के गार्ड जितेंद्र ने वीरू बाबू की मौत की खबर मोबाइल पर दी थी। पटना कॉलेज के पूर्व प्रिसिंपल रामचंद्र प्रसाद सिंह के बेटे 57 वर्षीय वीरू बाबू 30 वर्षों से बांकीपुर क्लब के सर्विस मेंबर थे। अक्सर वे क्लब में शराब पीने जाते थे। वे बिक्रम थाने के गोरखी गांव के रहने वाले हैं। राजेंद्रनगर रोड नंबर तीन में उनका मकान है। वे दवा कंपनियों की मार्केटिंग करते थे। व्यावसायिक कार्यों को लेकर वे घर से पैदल ही गोविंद मित्र रोड आते-जाते थे।
पुलिस अधिकारियों व फोरेंसिक एक्सपर्ट के मुताबिक अत्यधिक शराब पीने या ब्रेन हेमरेज के कारण भी मौत हो सकती है। गिरने के कारण व्यवसाय के शरीर पर चोट के निशान हो सकते हैं। एसएसपी मनु महाराज के मुताबिक प्रथम दृष्टया हत्या के संकेत नहीं मिले हैं।
पौने 12 बजे रात में दोबारा गए थे बार में
बुधवार की रात वीरू बाबू दोस्त के बेटे की शादी की रिसेप्शन पार्टी में शिरकत करने बांकीपुर क्लब गए थे। सीसीटीवी फुटेज के मुताबिक पहली बार देर शाम साढ़े सात बजे दवा व्यवसायी बार में गए थे। इसके बाद वे देर रात पौने 12 बजे दोबारा बार में गए थे। बार के अंदर सीसीटीवी नहीं लगा है।
आखिर फरार क्यों है गार्ड
दवा व्यवसाई वीरेश रंजन उर्फ वीरू बाबू की मौत के मामले में बांकीपुर क्लब के गार्ड जितेन्द्र की भूमिका शक के घेरे में है। गार्ड ने ही उनके घर पर मौत की खबर दी। उसके बाद से फरार है। वह भी दवा व्यवसायी के गांव का ही है।
परिजनों की हत्या से जुड़े तार
1973 ई. में वीरू के चाचा व गोरखरी पंचायत के तत्कालीन मुखिया अवध किशोर सिंह की हत्या हुई थी। दो वर्ष पहले कुरथौल बाजार में वीरू बाबू के चचेरे भाई की पत्नी व मुखिया बेबी देवी की हत्या हुई थी। बेबी भी गोरखरी की मुखिया थीं। इस मामले में बाहुबली बबलू सिंह व अन्य की गिरफ्तारी भी हुई थी। फिलहाल वीरू की चाची प्रभा देवी गोरखरी की मुखिया हैं। घरवालों के मुताबिक, गार्ड उनके विरोधी गुट से जुड़ा है। बबलू सिंह जमानत पर जेल से बाहर है।
माहौल गमगीन
वीरू बाबू की मौत के बाद पत्नी, बेटी व अन्य परिजनों का रोते-रोते बुरा हाल था। उनकी दो संतान हैं। इकलौती बेटी रोहिनी की शादी हो चुकी है। बेटा अविवाहित है। रात में गुलबी घाट पर वीरू बाबू की अंत्येष्टि हुई।
Copyright © 2021-22 DB Corp ltd., All Rights Reserved
This website follows the DNPA Code of Ethics.