पटना. दवा घोटाले पर मचे घमासान के बीच राज्य सरकार ने दवाओं की खरीद केन्द्र सरकार के उपक्रमों (पीएसयू) से करने का फैसला लिया है। पीएसयू का चयन राज्य स्वास्थ्य समिति करेगी। फिलहाल पांच पीएसयू से खरीद कर मेडिकल कॉलेज अस्पतालों से लेकर प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों ( पीएचसी) तक दवाओं की आपूर्ति की जाएगी। स्वास्थ्य समिति ही दवाओं का दर तय करेगी। मंगलवार को कैबिनेट ने इसकी मंजूरी दी।
सिविल सर्जन करेंगे दवाओं की खरीद
एक फिर सिविल सर्जन और अधीक्षकों को दवा की खरीद का अधिकार दिया गया है। कैबिनेट विभाग के प्रधान सचिव ब्रजेश मेहरोत्रा ने बताया कि सिविल सर्जन और अधीक्षक चुने हुए पीएसयू से ही दवाओं की खरीद करेंगे। सिविल सर्जन को बताना पड़ेगा कि दवा की खरीद की जरूरत क्यों है? उन्होंने यह भी बताया कि आपूर्तिकर्ताओं के चयन के लिए नए सिरे से
टेंडर किया जाएगा। नई व्यवस्था स्थाई आपूर्तिकर्ता का चयन होने तक ही रहेगी।
राज्य में दवा घोटाला होने के बाद सरकार ने 3 कंपनियों को ब्लैक लिस्टेड करने के साथ ही 23 कंपनियों से 96 दवाओं की खरीद करने पर रोक लगा दी है। इससे सरकारी अस्पतालों में दवाओं की कमी हो गई है। इसी वजह से नई व्यवस्था की गई है।
2907 फायर कर्मियों की होगी बहाली
हर थाने में फायर ब्रिगेड की टीम रहेगी। इसके लिए 2907 फायर कर्मियों की बहाली की जाएगी। इनमें 969 चालक और 1938 फायरमैन हैं। दोनों पद सिपाही श्रेणी के होंगे। हर थाने में एक अग्निशमन वाहन रहेगा। साथ ही डीएम द्वारा एक कार्यपालक सहायक की बहाली की जाएगी।
80 और नौकरियां : बिहार मेडिकल सर्विसेज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर कॉरपोरेशन लि. में विभिन्न श्रेणियों के 80 पदों पर बहाली होगी।