पटना. दवा घोटाले को लेकर गरमाई बिहार की सियासत के बीच सोमवार को एनएच-30 पर सड़क के किनारे लाखों रुपए की दवा मिलने से सनसनी फैल गई। गंदी जगह पर ये दवाएं रामकृष्णानगर थाना इलाके के पल्स हॉस्पिटल के सामने फेंकी मिली। फेंकी गई दवाओं में टैबलेट, कैप्सूल, एंटी बॉयोटिक के साथ जीवन रक्षक दवाएं हैं। इनमें अधिकतर एक्सपायर्ड दवाएं हैं, जो इसी वर्ष मार्च व मई में एक्सपायर्ड कर गई हैं।
सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर गई थी। पुलिस का मामला नहीं होने की वजह से उन लोगों ने कोई खास दिलचस्पी नहीं दिखाई। बहरहाल मामले के तूल पकड़ने के बाद ड्रग कंट्रोलर हेमंत कुमार ने ग्रामीण ड्रग इंस्पेक्टर श्रीधर को मौके पर भेजा। श्रीधर ने वहां पहुंचकर मामले की छानबीन की। साथ ही कुछ नमूने भी जांच को ले गए। फेंकी गई दवाएं ब्रांडेड कंपनी की नहीं हैं। सूत्रों का कहना है कि ये दवाएं इनोवेटिव कंपनी की हैं।
अधिकतर दवाएं आेफ्लॉकसासिन ग्रुप की हैं। ड्रग कंट्रोलर हेमंत ने बताया कि रिपोर्ट अभी नहीं आई है। नमूने की जांच की जाएगी। दवा कंपनी से भी संपर्क किया जाएगा। पूरी जांच के बाद ही हकीकत का खुलासा होगा। पल्स हॉस्पिटल के पास एक्पायर्ड दवाएं सड़क किनारे फेंकी मिलीं।
(पल्स हॉस्पिटल के पास एक्पायर्ड दवाएं सड़क किनारे फेंकी मिलीं)