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डाउनलोड करेंपटना. राज्य में लघु एवं मध्यम उद्योग लगाने पर मिलने वाले अनुदान की अधिकतम राशि में बढ़ोतरी होगी। अभी तक कंपनी को उनके पूंजी निवेश का 20 फीसदी और अधिकतम 75 लाख रुपए अनुदान देने का प्रावधान है।
अनुदान की अधिकतम राशि को दो करोड़ रुपए किया जाएगा। इसके अलावा और भी कई मुद्दे को लेकर 'औद्योगिक प्रोत्साहन नीति 2011 में संशोधन किया जाएगा। उद्योग विभाग ने इसका प्रस्ताव तैयार कर लिया है। कैबिनेट की सहमति लेने के बाद अधिसूचना जारी कर दी जाएगी।
बिना बिजली कनेक्शन के जेनरेटर खरीद पर अनुदान
दूसरा संशोधन यह हो रहा है कि डीजल जेनरेटर की खरीद पर अनुदान के लिए कंपनी को बिजली का कनेक्शन लेना अनिवार्य नहीं होगा। अब तक डीजल जेनरेटर की खरीद पर उन्हीं कंपनियों को अनुदान दिया जाता है, जिनके पास बिजली का कनेक्शन होता है। राज्य सरकार डीजल जेनरेटर की खरीद पर 50 फीसदी अनुदान देती है। उद्यमियों का कहना था कि कई ऐसे क्षेत्र हैं, जहां बिजली कनेक्शन नहीं लिया जा सकता है। ऐसे में वहां जेनरेटर ही बिजली आपूर्ति का एकमात्र साधन है। ऐसी कंपनियां अनुदान से वंचित हो जाती हैं। उद्योग मंत्री रेणु कुमारी कुशवाहा समेत विभागीय पदाधिकारियों ने उद्यमियों के साथ विमर्श के बाद ही संशोधन का प्रस्ताव तैयार किया है।
उद्योग प्रोत्साहन आयोग का होगा गठन
उद्यमियों को सहूलियत देने के मकसद से उद्योग प्रोत्साहन आयोग का गठन किया जा रहा है। यह आयोग मुख्य रूप से उद्यमियों को भूमि उपलब्ध कराने में सहयोग करेगा। साथ ही सरकार को परामर्श भी देगा। रिटायर्ड आईएएस पदाधिकारी आयोग के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष होंगे। वित्त, श्रम, ऊर्जा और उद्योग संघों से जुड़े लोग भी आयोग में रहेंगे। आयोग के गठन का प्रस्ताव कैबिनेट में भेजा जा रहा है।
10 करोड़ तक का निवेश मध्यम उद्योग की श्रेणी में
10 करोड़ रुपए तक का निवेश मध्यम उद्योग की श्रेणी में आता है। औद्योगिक प्रोत्साहन नीति में सभी के लिए 20 फीसदी तक का अनुदान है। लेकिन, मध्यम उद्योग के लिए अधिकतम राशि 75 लाख रुपए तय है। इसे बढ़ा कर दो करोड़ रुपए करने का प्रस्ताव है। कैबिनेट से स्वीकृति मिलने पर यह लागू होगा।
शैलेश ठाकुर, उद्योग निदेशक
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