नई दिल्ली. राष्ट्रपति के सामने परेड के इरादे से चला जदयू, राजद, कांग्रेस, भाकपा और निर्दलीय विधायकों का कारवां रास्ता भटक कर दो हिस्से में बंट गया। बाद में सभी विधायक एकसाथ हुए। जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद यादव के आवास पर इन विधायकों को जुटना था। साढ़े चार बजे से ही विधायकों का जुटान शुरू हो गया। नोएडा में ठहरे विधायक यूपी पर्यटन की लक्जरी बसों से यहां आए।
चाय-नाश्ता के बाद विधायकों को विजय चौक यानी राष्ट्रपति भवन के प्रवेश द्वार तक जाने के लिए कहा गया। सभी विधायक एकसाथ निकले। आगे चलने पर दो हिस्से में बंट गए। एक जत्था विजय चौक पहुंचा। दूसरा जत्था पीछे वाले दरवाजे के पास चला गया। यह गड़बड़ी ट्रैफिक सिग्नल समझने में भूल के कारण हुई थी।
इससे पहले शरद के आवास पर राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद की अगवानी पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने की। लालू सबसे अंत में यहां पहुंचे। खबर है कि बुधवार के दिन में लालू प्रसाद ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात की। विधायकों के अलावा सांसद आरसीपी सिंह, कौशलेंद्र कुमार, अली अनवर अंसारी, रामनाथ ठाकुर, संतोष कुशवाहा, पवन वर्मा, विधान परिषद सदस्य संजय कुमार सिंह, बिनोद कुमार सिंह कई अन्य नेता बड़ी संख्या में जदयू के विधान पार्षद भी पहुंचे थे। कांग्रेस विधायक दल के नेता सदानंद सिंह, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अशोक चौधरी और सीपी जोशी एक ही गाड़ी में सवार होकर शरद यादव के आवास पर पहुंचे थे।
कोर्ट के फैसले पर टिप्पणी से शरद का इनकार
जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद यादव ने विधायक दल नेता के मामले में पटना हाईकोर्ट के फैसले पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा- कोर्ट ने क्या कहा, हमें नहीं मालूम। देखने के बाद ही उस पर कोई टिप्पणी करेंगे। हमारे पास बहुमत है। हमारा मनोबल बढ़ा हुआ है।