पटना. पूर्व उपमुख्यमंत्री
सुशील कुमार मोदी ने कहा कि नीतीश कुमार के कारण केंद्र और राज्य के बीच सहयोग का सुनहरा मौका पाने से बिहार फिर चूक गया। उन्होंने यदि भाजपा से गठबंधन नहीं तोड़ा होता, तो आज बिहार में भी एनडीए की सरकार होती और विकास की लय नहीं टूटती। केंद्र से अच्छे तालमेल का लाभ मिलता।
नीतीश कुमार ने
नरेंद्र मोदी का सामना करने से बचने के लिए मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया और केंद्र से झगड़ने वाली सरकार जनता पर थोप दी। उन्होंने देश के लोकप्रिय प्रधानमंत्री को बधाई देने, उनसे हाथ मिलाने और सहयोग के लिए पत्र लिखने से परहेज कर टकराव बढ़ाने का काम किया।
दूसरी ओर चारा घोटाले में सजायाफ्ता लालू प्रसाद से गले मिलने और शिक्षक नियुक्ति घोटाले में जेल में बंद हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री ओम प्रकाश चौटाला से जाकर मिलने में नीतीश को कोई हिचक नहीं हुई।