पटना. ग्रामीण क्षेत्रों में अब बिना एटीएम कार्ड के भी बैंक खाते से रुपए निकाले जा सकेंगे। वह भी घर बैठे। इसके लिए किसी पासवर्ड की भी जरूरत नहीं पड़ेगी। सभी बैंक के उपभोक्ता इसका लाभ उठा सकेंगे। इसके लिए अलग से कोई चार्ज भी नहीं लगेगा। आधार नम्बर पर आधारित यह सुविधा नए वित्तीय वर्ष से ही शुरू होने वाली है।
इसके लिए सभी बैंक अपने एजेंट नियुक्त करेंगे जिनकी जानकारी ग्राहकों को बैंक के माध्यम से मिल जाएगी। जरूरत पड़ने पर इन्हें घर भी बुलाया जा सकेगा। इनके पास एक माइक्रो एटीएम मशीन रहेगी जो आधार और बायोमेट्रिक तकनीक पर ग्राहकों की वैधता को चेक करेगा। इस माइक्रो एटीएम से डिपॉजिट, निकासी, फंड ट्रांसफर, बैलेंस इंक्वायरी और मिनी स्टेटमेंट की सुविधा मिलेगी।
20 लाख लोगों को मिलेगी सुविधा : इस योजना से 20 लाख से अधिक की जनसंख्या को सीधा लाभ मिलेगा। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के निदेशक (बिहार-झारखंड) मनोज कुमार वर्मा के अनुसार बिहार में वित्तीय समावेशन पाने की दिशा में यह बड़ा कदम होगा।
बैंकों को भी होगा फायदा
इसके लागू होते ही बैंकों के ट्रांजेक्शन कॉस्ट बेहद कम हो जाएंगे। एटीएम स्थापित और उसे संचालित करने का खर्च अभी क्रमश: 5 लाख व 60 हजार महीना है। जबकि इन मशीनों की कीमत महज 10 से 15 हजार है। बैंक इस पूरी लागत से बच जाएंगे। बिजनेस कॉरेसपांडेंट को विशेष व्यवस्था के तहत अग्रिम राशि उपलब्ध कराई जाएगी।