पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर
डाउनलोड करेंपटना। करीब एक महीने बाद सोमवार को नगर निगम बोर्ड की हुई बैठक हंगामेदार रही। 45 मिनट देर से शुरू हुई बैठक 15 मिनट में ही स्थगित हो गई और जनहित से जुड़ी योजनाएं हंगामे की भेंट चढ़ गईं। कार्यवाही शुरू करने की घोषणा होते ही 10-12 पार्षद अपनी सीट से उठ कर नगर आयुक्त के खिलाफ हंगामा करने लगे। नगर आयुक्त हाय-हाय, काम नहीं तो संपुष्टि नहीं..। 15 मिनट तक लगातार नारेबाजी हुई। पार्षदों का कहना था कि पहले वार्डों के विकास के लिए 10 लाख और 15 लाख की योजनाओं पर बात हो, इसके बाद कार्यवाही शुरू हो।
नगर आयुक्त आए तो मेयर बाहर : बोर्ड की बैठक दोपहर एक बजे शुरू होनी थी। मेयर अफजल इमाम समय पर पहुंच गए। नगर आयुक्त कुलदीप नारायण डेढ़ बजे पहुंचे। वैसे ही हॉल में घुसे, मेयर बाहर निकल गए। करीब 15 मिनट नगर आयुक्त अकेले बैठे रहे। पौने दो बजे मेयर आए और बैठक की कार्यवाही शुरू होने की घोषणा की।
मेयर की भी एक न चली
कई बार पार्षदों से मेयर ने बैठने को कहा। पर वे नहीं माने। पार्षदों ने साफ-साफ कहा-अध्यक्ष महोदय, अब हम कुछ नहीं सुनेंगे। पहले योजना को धरातल पर उतारिए। इसके पहले नगर आयुक्त ने अध्यक्ष से आग्रह किया-अगर आप सदस्य महोदय को बैठने की अनुमति दें तो कुछ मैं कहना चाहूंगा... यह सुन कर पार्षद और हल्ला करने लगे।
धरने पर बैठ गए पार्षद
बैठक शुरू होते ही पार्षद आभा लता, संजीव कुमार, गुलफिशां जबी और महमूद कुरैशी आयुक्तके खिलाफ नारेबाजी करने लगे। हाथ में बैनर लेकर मेज के पास आ गए। मांग थी- पहले 10-15 लाख रुपए की योजना को आगे बढ़ाएं, तब संपुष्टि की बात होगी। 10-15 लाख की योजना पर प्रशासनिक आर्डर अभी के अभी दीजिए, तो हम लोग अपनी कुर्सी पर चले जाएंगे।
तो हम नंगा हो रहे हैं...
हंगामा और नारेबाजी करते हुए पार्षद संजीव कुमार मेज की ओर बढ़े। कहा- हमारी बातें नहीं सुनी जा रही हैं, हम नंगा हो रहे हैं। कुछ पार्षदों ने बीच-बचाव किया। तभी मेयर ने घोषणा की- आज की बैठक समाप्त की जाती है।
Copyright © 2021-22 DB Corp ltd., All Rights Reserved
This website follows the DNPA Code of Ethics.