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पटना नगर निगम ने 11 लाख के काम में, खर्चे किए 85 लाख

8 वर्ष पहले
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पटना. एक तरफ पटना नगर निगम के पास जन सुविधाओं पर खर्च करने के लिए पैसे नहीं हैं, वहीं दूसरी तरफ बेवजह पैसा खर्च किया जा रहा है। लापरवाह निगम कर्मियों ने फालतू का ईंधन जलाकर 85.26 लाख रुपए खर्च कर दिए। यह अनियमितता वरीय लेखापरीक्षा अधिकारी द्वारा की गई ऑडिट रिपोर्ट में सामने आई है।

लेखा परीक्षा अधिकारी ने निगम से जवाब मांगा है कि ट्रैक्टरों में सेल्फ, डायनेमो एवं बैट्री लंबी अवधि से क्यों नहीं लगाई जा रही है। इससे प्रतिदिन 66 वाहनों द्वारा खर्च किया जाने वाला न्यूनतम 198 लीटर डीजल बचाया जा सकता है।

यूटीएस काउंटर पर डुअल डिस्प्ले

पटना जंक्शन के यूटीएस काउंटरों पर भी डुअल डिस्प्ले इंफोटेंमेंट सिस्टम लगाया जाएगा। बुधवार को प्लेटफार्म नंबर दस पर लग रहे एसकेलेटर का मुआयना करने आए डीआरएम एनके गुप्ता ने यह जानकारी दी। बताया कि आरक्षण टिकट काउंटर पर डुअल डिस्पले इंफोटेंमेंट सिस्टम लगा है। इससे यात्रियों को काफी फायदा हो रहा है। 15 दिनों के अंदर यह सिस्टम यूटीएस काउंटरों पर भी लगाया जाएगा।

इससे टिकट लेने वाले यात्रियों को सारी जानकारी एलईडी स्क्रीन के जरिए मिलेगी। साथ ही एक नया एप्रन भी बनाया जाएगा। एसकेलेटर के निर्माण कार्य पर संतोष जताते हुए डीआरएम ने कहा कि काम पूरा होने के बाद जल्द ही उद्घाटन की तिथि घोषित होगी।ऑडिट रिपोर्ट में उजागर हुई नगर निगम की सुस्ती बिना बैट्री की गाडिय़ां

निगम के किसी भी ट्रैक्टर एवं टीपर में सेल्फ डायनेमो एवं बैट्री नहीं लगे हैं। इन वाहनों को हर दिन अंचल कार्यालय से ठेल कर स्टार्ट किया जाता है और सुबह छह बजे से दो बजे दिन तक इसका इंजन चालू रहता है, जिसे काम खत्म होने के बाद अंचल कार्यालय में पहुंचने पर ही बंद किया जाता है। ये गाडिय़ां कूड़ा उठाने, कूड़ा गिराने और ट्रैफिक जाम की स्थिति में भी चालू अवस्था में ही रहती हैं।

लापरवाही का खर्च

निगम में जुलाई 2010 से मार्च 2013 तक औसतन 66 वाहन बिना सेल्फ डायनेमो एवं बैट्री के हर माह काम कर रहे थे। प्रति दिन हर वाहन में 3.24 से 3.768 लीटर डीजल की व्यर्थ खपत कूड़े की लोडिंग एवं अनलोडिंग करते समय इंजन चालू रहने से खर्च हुआ। यानी जुलाई 2010 से मार्च 13 की अवधि में इन ट्रैक्टरों के परिचालन पर कुल 85.26 लाख का निरर्थक व्यय किया गया।

10.76 लाख में लग जाती गाडिय़ों में बैट्री और सेल्फ डायनेमो

जनवरी 2014 में ऑडिट द्वारा ट्रैक्टर में लगने वाले एक्साइड बैट्री और आयशर ट्रैक्टर के सेल्फ एवं डायनेमो का अनुमानित लागत विभिन्न एजेंसियों से प्राप्त किया गया, जिसके अनुसार एक ट्रैक्टर में इन्हें लगाने का अधिकतम लागत 16300 है। इस तरह निगम कार्यालय के कुल 66 वाहनों में इन्हें लगाने का कुल लागत 10.76 लाख होता। अगर निगम कार्यालय द्वारा 10.76 लाख खर्च नहीं करने के कारण 85.26 लाख बेवजह का खर्च किया गया। साथ ही निगम क्षेत्र का पर्यावरण भी प्रदूषित हुआ।

कोहरे से विमान और ट्रेनें लेट

कोहरे की वजह से बुधवार को भी विमान और ट्रेनें लेट रहीं। संपूर्ण क्रांति 6.50 घंटे, नई दिल्ली-भागलपुर एक्सप्रेस 4.20 घंटे, राजगीर दानापुर इंटरसिटी 1.50 घंटे, ब्रह्मपुत्र एक्सप्रेस 4.50 घंटे, लालकिला एक्सप्रेस एक घंटे, मथुरा-पटना एक्सप्रेस 3.20 घंटे, तूफान एक्सप्रेस 30 मिनट, कुंभ एक्सप्रेस 5 घंटे, और मगध एक्सप्रेस 5.15 घंटे लेट रही।

वहीं, पटना-दिल्ली-पटना के बीच उड़ान भरने वाले एयर इंडिया के दो विमान बुधवार को कुहरे के कारण दो-दो घंटे लेट पहुंचे। एआई 409 दोपहर 2:10 बजे, तो एआई 415 शाम 6:48 बजे पटना एयरपोर्ट पर पहुंचा। विमानों के लेट होने से यात्रियों को परेशानी हुई।