पटना. शनिवार को दिन का तापमान तो 24 डिग्री ही था लेकिन 7, कौटिल्य मार्ग कुछ ज्यादा ही तप रहा था। यह नीतीश कुमार का आवास है। अंदर मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी, नीतीश कुमार और जदयू अध्यक्ष शरद यादव के बीच सियासी वार्ता जारी थी। बाहर, हर कोई विश्लेषण में जुटा था। इसी बीच "नीतीश कुमार जिंदाबाद" का नारा लगाता एक जत्था पहुंचा। कौटिल्य मार्ग के बाहर जमी भीड़ उधर मुखातिब हुई।
पता चला यह युवा जदयू के लोग हैं। नारा लगाने वाले बंद गेट तक गए फिर शांत पड़ गए। थोड़ी ही देर में उनका टोन बदल गया। तब तक इस जमात को भीतर वार्ता के बारे में पता चल चुका था। अब नारा उछला... हम एक हैं, एक रहेंगे।
श्रोता जमात को एहसास हुआ कि मांझी मान गए। यह सब 2:10 बजे तक रुक-रुक कर जारी रहा। इसी वक्त मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी मंत्रिपरिषद के अपने दो सहयोगियों नरेंद्र सिंह व वृशिण पटेल के साथ बाहर निकले। 1, अणे मार्ग के लिए। उनके जाते ही लाठी में पार्टी का झंडा टांगे।
नीतीश के साथ गया जिला जदयू अध्यक्ष अभय
गया| गया जिला जदयू के जिलाध्यक्ष अभय कुशवाहा जबसे पार्टी से जुड़े हैं तबसे पार्टी के शीर्ष नेताओं के करीबी रहे हैं। वह सूबे के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद यादव के सिद्धांतों पर अमल भी करते रहे हैं। सूबे में जदयू दो खेमा में बंट गया है। एक ओर जहां मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी के समर्थन में कुछ लोग गोलबंद हो रहे हैं, वहीं अभय कुशवाहा आज भी पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का गुणगान करते दिख रहे हैं।
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