पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • 128 विधायकों के साथ नीतीश का राष्ट्रपति के सामने शक्ति प्रदर्शन,

128 विधायकों के साथ नीतीश का राष्ट्रपति के सामने शक्ति प्रदर्शन, लालू-मुलायम भी पहुंचे

6 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
दिल्ली/पटना. बुधवार शाम दिल्ली में नीतीश और लालू की राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के साथ हुई मुलाकात का असर कुछ ही घंटों में दिखाई दिया। बिहार के राज्यपाल केसरी नाथ त्रिपाठी ने मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी से 20 फ़रवरी को विधानसभा में बहुमत साबित करने को कहा है। अब मांझी 20 फ़रवरी को राज्यपाल के अभिभाषण के बाद बहुमत का प्रस्ताव सदन के पटल पर रखेंगे।
जीतन राम मांझी से बिहार की सीएम की कुर्सी दोबारा से हासिल करने की जंग लड़ रहे जेडीयू नेता नीतीश कुमार बुधवार को अपने 130 विधायकों के साथ राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से मिलने पहुंचे थे। इन विधायकों में जेडीयू के अलावा आरजेडी और कांग्रेस के विधायक भी शामिल थे। नीतीश यह साबित करना चाहते हैं कि राज्य के मुख्यमंत्री पद के लिए उनके दावे पर कोई विवाद नहीं है। इस मुलाकात में सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव, आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव और जेडीयू अध्यक्ष शरद यादव भी मौजूद थे। मुलाकात के बाद नीतीश और अन्य विधायकों ने आरोप लगाया कि इस संकट के पीछे बीजेपी और जीतनराम मांझी की साजिश है।
बुधवार शाम नीतीश समर्थक विधायकों को दो बसों से राष्ट्रपति भवन लाया गया। इससे पहले, नीतीश करीब 70 विधायकों के साथ फ्लाइट से पटना से दिल्ली पहुंचे। अन्य एमएलए पहले से ही राजधानी पहुंच चुके थे। मुलाकात के बाद नीतीश ने कहा कि उनके पास बहुमत है और उन्होंने राष्ट्रपति से अपील की कि उन्हें विधानसभा में अपना बहुमत साबित करने का मौका दिया जाए। उन्होंने मांग की कि राष्ट्रपति इस संदर्भ में राज्यपाल को निर्देश दें। नीतीश के मुताबिक, इस प्रक्रिया के देर होने से विधायकों की खरीद-फरोख्त की संभावना बढ़ेगी। नीतीश का आरोप है कि बिहार के गवर्नर केएन त्रिपाठी उन्हें बहुमत साबित करने का मौका नहीं दे रहे।
आगे देखें: संबंधित फोटोज