पटना। जदयू प्रवक्ता संजय सिंह ने कहा कि बिहार के तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने लोगों के हाथ में कलम पकड़ाया लेकिन प्रधानमंत्री
नरेंद्र मोदी ने लोगों के हाथों में झाडू पकड़ा दिया।
लोकसभा का चुनाव लडऩे से लेकर सत्ता में आने तक प्रधानमंत्री ने बड़े-बड़े वादे किए लेकिन सरकार के छह माह पूरे होते-होते उनके वादे हवा-हवाई साबित हो गए। भाजपा के नेताओं को जन समस्याओं का समाधान करने की बजाए हाथों में झाड़ू लेकर सिर्फ फोटो खिंचवाने से मतलब है।
जदयू प्रवक्ता ने कहा कि मोदी के ड्रीम विजन मेक इन इंडिया को फिनलैंड की मोबाईल हैंडसेट कंपनी नोकिया ने झटका दे ही दिया।
नोकिया का प्लांट बंद हो जाने से 8000 कर्मचारियों का भविष्य अधर में चला गया है। लोगों को 24 घंटे बिजली तो नहीं मिली लेकिन बिजली महंगी हो गई।
जनधन योजना को सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का ही समर्थन नहीं मिल रहा है। किसानों को उपज की लागत तो नहीं ही मिली, बढ़ती लागत के बीच उन पर महंगी खाद का बोझ भी डाल दिया गया।
प्रधानमंत्री ने पंचायतों को फाइबर ऑप्टिक ब्रॉडबैंड नेटवर्क के जरिए जोडऩे, सभी लोगों को वित्तीय सुविधाएं उपलब्ध कराने, सरकारी कंपनियों और सभी सरकारी बैंकों में अपनी हिस्सेरदारी घटाकर खजाने को बढ़ाने का वादा किया था। इन योजनाओं का क्या हस्र हुआ, लोग जानना चाहते हैं?