पटना. जदयू विधानमंडल दल की बैठक में नीतीश कुमार के नेता चुने जाने के बाद रविवार को जदयू प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह राज्यपाल भवन पहुंचे। वशिष्ठ नारायण सिंह ने राज्यपाल के मुख्य सचिव को पत्र सौंपा है, जिसमें बताया गया है कि जीतन राम मांझी को पार्टी के नेता के पद से हटा दिया गया है और नीतीश कुमार को नया नेता चुना गया है। वशिष्ठ नारायण सिंह ने सरकार बनाने का दावा भी पेश किया है और राजद, कांग्रेस और सीपीआई द्वारा दिया गया समर्थन पत्र भी सौंपा है। उन्होंने सोमवार को राज्यपाल से मिलने का समय मांगा है।
वशिष्ठ नारायण सिंह के साथ विजय चौधरी, आर सी पी सिंह और राजद के प्रदेश अध्यक्ष अब्दुल बारी सिद्दकी, कांग्रेस नेता सदानंद सिंह भी मौजूद थे। वहीं, राजनीतिक गतिविधियों का केंद्र बने राजभवन की सुरक्षा बेहद कड़ी कर दी गई है। हालांकि राज्यपाल केशरीनाथ त्रिपाठी अभी
कोलकाता में हैं और सोमवार को पटना आएंगे।
रमई राम ने मांगा उपमुख्यमंत्री का पद
अभी नीतीश की सरकार बनी भी नहीं है और मांझी सरकार में मंत्री रहे रमई राम ने उपमुख्यमंत्री के पद की मांग कर दी है। उनका कहना है कि वह लंबे समय से पार्टी की सेवा कर रहे हैं और अब नए सरकार में उपमुख्यमंत्री का पद चाहते हैं। पद नहीं मिलने पर वह नीतीश के शपथ ग्रहण समारोह में नहीं जाएंगे।