नीतीश ने कहा कि उन्होंने राष्ट्रपति से गुहार लगाई है कि बिहार में नई सरकार के गठन में देर नहीं होनी चाहिए। बहुमत उनके साथ है और उन्हें जल्द बहुमत साबित करने का मौका दिया जाए। इस मामले में देर होने पर हॉर्स ट्रेडिंग को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार को अगर बहुमत साबित करने का मौका देना है तो दें, लेकिन इस मामले में जल्द फैसला करना चाहिए। वह किसी भी समय बहुमत साबित को तैयार है। नीतीश ने कहा कि राज्यपाल को बजट सत्र से पहले विशेष सत्र बुलाकर शक्ति परीक्षण करा लेना चाहिए। बजट सत्र 20 फरवरी से है और वह चाहते हैं कि नई सरकार बजट पेश करे। नीतीश कुमार ने कहा कि उनके इस अनुरोध को राष्ट्रपति ने बड़े ध्यान से सुना और कहा कि वह इस मामले को देखेंगे।
बिहार में राष्ट्रपति शासन लगाना चाहती है भाजपा
नीतीश कुमार ने कहा कि भाजपा बिहार में राष्ट्रपति शासन लगाना चाहती है। वह चाहती है कि यह मामला ज्यादा दिनों तक चले और इस दौरान बिहार की स्थिति खराब हो, जिससे राष्ट्रपति शासन लगाया जा सके। नीतीश कुमार ने कहा कि उन्हें तो आशंका है कि विधानसभा की बैठक में भी बीजेपी हंगामा कर सकती है।
दिल्ली में तीन पर सिमटने के बाद बिहार में घुसना चाहती है भाजपा
राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद लालू यादव ने भाजपा पर जमकर हमला बोला। लालू ने कहा कि भाजपा दिल्ली में तीन पर सिमट गई है और अब वह बिहार में घुसना चाहती है। बिहार के लोग भाजपा के झांसे में नहीं आने वाले हैं। लालू ने कहा कि भाजपा के इशारे पर विधायकों तो पैसे, पद और टिकट का लालच दिया जा रहा है।
पप्पू यादव की बात नहीं सुनते हैं लालू
पप्पू यादव द्वारा मांझी के समर्थन में बयान देने के प्रश्न पर लालू यादव ने कहा कि वह क्या बोलता है क्या नहीं बोलता हम नहीं सुनते हैं।
नीतीश कुमार और लालू यादव के साथ शरद यादव और
मुलायम सिंह यादव भी राष्ट्रपति से मिलने पहुंचे थे। 15 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति से मुलाकात की थी। इसमें कांग्रेस, राजद, सीपीआई के नेता और एक निर्दलीय विधायक शामिल थे। बाकी विधायक राष्ट्रपति भवन के बाहर खड़े थे।
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