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  • नीतीश कुमार के आवास पर जदयू के सभी विधायक पहुंचे।

राज्यपाल से मिलने पैदल पहुंचे नीतीश को समर्थन दे रहे विधायक

6 वर्ष पहले
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पटना. पूर्व मुख्यमंत्री और जेडीयू के वरिष्ठ नेता नीतीश कुमार ने सोमवार को राज्यपाल के सामने बिहार में नई सरकार बनाने का दावा पेश कर दिया। नीतीश ने बिहार के राज्यपाल की अतिरिक्त जिम्मेदारी संभाल रहे केसरीनाथ त्रिपाठी के सामने अपने समर्थन में 130 विधायकों की परेड भी कराई। राज्यपाल से मुलाकात के बाद मीडिया के सामने आए नीतीश ने कहा कि उन्हें पूरी उम्मीद है कि राज्यपाल उन्हें जल्द से जल्द सरकार बनाने और बहुमत साबित करने का मौका देंगे। उन्होंने यह भी कहा कि फैसले में देर होने पर वह सभी विधायकों के साथ दिल्ली जाकर राष्ट्रपति से भी मिलकर अपनी बात रख सकते हैं।
इस बीच, सोमवार को ही बिहार के मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने राज्यपाल से बहुमत साबित करने का मौका देने और बहुमत गुप्त मतदान के जरिए साबित किए जाने की मांग की है। राज्यपाल केसरीनाथ त्रिपाठी से सोमवार को दूसरी बार भेंट करने के बाद जीतन राम मांझी ने मीडिया से कहा, "मैंने राज्यपाल से निवेदन किया कि विधायक दल की बैठक में नीतीश कुमार का चुनाव अवैध है। वे जिस बहुमत को साबित करने की बात कह रहे हैं, उससे मैं नहीं भाग रहा हूं। मैंने राज्यपाल के ऊपर छोड़ दिया कि वे कब मुझसे बहुमत साबित करवाना चाहते हैं। मैंने गुप्त मतदान कराने का निवेदन किया है। काउंटिंग के समय दोनों पक्ष के एक-एक लोग पर्यवेक्षक के रूप में मौजूद रहें।" मांझी ने बताया, "हमने महामहिम से निवेदन किया है कि 19, 20 या 23 फरवरी को बहुमत साबित करने का मौका दें। इस पर महामहिम ने कहा कि दूसरे पक्ष के लोग 24-48 घंटे में फैसला करने की बात कह रहे हैं। इस पर हमने कहा कि यह आप अपने विवेक से तय करें। एक प्रश्न के जवाब में मांझी ने कहा कि बहुत से लोग ऐसे है जो हमें समर्थन करने को तैयार हैं, पर वे अपना चेहरा नहीं दिखाना चाहते।" राज्यपाल से मांझी की मुलाकात के दौरान उनके साथ जेडीयू विधायक विनय बिहारी भी थे। शनिवार को जेडीयू की बैठक में जीतन राम मांझी की जगह नीतीश कुमार को विधायक दल का नेता चुना गया था। सोमवार को ही जेडीयू ने अनुशासन भंग करने के आरोप में मांझी को पार्टी से भी बाहर कर दिया।
नीतीश, शरद और लालू ने की प्रेस कॉन्फ्रेंस
राज्यपाल केसरीनाथ त्रिपाठी से मिलने के बाद नीतीश कुमार, शरद यादव और लालू यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस किया। मीडिया से बात करने हुए नीतीश कुमार ने कहा, "हमने राज्यपाल महोदय से जल्द से जल्द सरकार बनाने और बहुमत साबित करने का मौका देने का अनुरोध किया है। हमने कहा कि नया सरकार बनाने और बहुमत साबित करने के फैसले में देर न लगाई जाए, क्योंकि इसमें जितनी देर होगी, उतना हॉर्स ट्रेडिंग (समर्थन के लिए विधायकों की खरीद-बिक्री) को बढ़ावा मिलेगा।" नीतीश ने राज्यपाल से हुई मुलाकात का ब्योरा देते हुए कहा, "मैंने राज्यपाल से कहा कि मुझे 130 विधायकों का समर्थन प्राप्त है। समर्थन करने वाले सभी विधायक राजभवन के बाहर आईकार्ड लगाकर मीडिया के सामने मौजूद हैं। आप चाहें तो उनसे मिल सकते हैं। आप जब कहें हम बहुमत साबित करने को तैयार हैं। इस पर राज्यपाल ने कहा कि इसकी कोई जरूरत नहीं है।"
मांझी पर लगाया खरीद-फरोख्त का आरोप
मीडिया से बात करते हुए नीतीश कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने प्रधानमंत्री से मिलने के बाद जिस तरह से दो उप मुख्यमंत्री और 17 मंत्री बनाने की बात कही है, वह पूरी तरह से हॉर्स ट्रेडिंग की तरफ इशारा कर रहा है। ऐसा लग रहा है कि प्रधानमंत्री से मिलने के बाद मांझी हॉर्स ट्रेडिंग का लाइसेंस प्राप्त करके आए हैं। बहुमत साबित करने के लिए उनके पास सिर्फ भाजपा और निर्दलीय विधायक ही हैं।
नीतीश चाहते हैं, बजट सत्र से पहले हो नई सरकार का फैसला
नीतीश कुमार ने कहा कि उन्होंने राज्यपाल से कहा है कि 20 फरवरी से बजट सत्र शुरू होने वाला है। यह सत्र काफी लंबा चलेगा। बहुमत और नई सरकार का फैसला इस सत्र से पहले ही होना चाहिए। नीतीश ने कहा कि बजट सत्र से पहले राज्यपाल का अभिभाषण होता है। यह अभिभाषण सरकार द्वारा तैयार किया जाता है। सवाल ये है कि वर्तमान हालात में राज्यपाल किस सरकार का अभिभाषण पढ़ेंगे।
राज्यपाल से की अपील, न मानें विधानसभा भंग करने की अनुशंसा
नीतीश कुमार ने कहा कि उन्होंने राज्यपाल से अपील की है कि वह मुख्यमंत्री द्वारा विधानसभा भंग करने की अनुशंसा करने पर उसे न मानें। कैबिनेट की बैठक में विधानसभा भंग करने का प्रस्ताव गलत तरीके से पास कराया गया है। प्रस्ताव के विरोध में दो-तिहाई मंत्री से फिर भी उसे तकनीकी आधार पर पास करा लिया गया है। प्रेस कॉन्फ्रेंस के समय नीतीश कुमार के साथ राजद प्रमुख लालू यादव और शरद यादव भी मौजूद थे।
लालू बोले-हम जदयू के साथ
राज्यपाल के साथ एक घंटे की मुलाकात के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद यादव ने कहा, "राज्यपाल से निवेदन किया है कि जितना जल्दी हो सके, आप फैसला करें। बहुमत हमारे पास है।" लालू प्रसाद यादव ने कहा, "राज्यपाल को नीतीश कुमार के नेतृत्व में सरकार गठन करने के लिए पत्र दिया गया है। कहीं भी कोई संदेह नहीं। जदयू का सरकार बनाने का दावा प्रबल है। हम जदयू के साथ है।"
नीतीश के समर्थन में पैदल पहुंचे विधायक
नीतीश कुमार की अगुआई में करीब 130 विधायक सोमवार को राजभवन पहुंचे। इनमेें जेडीयू के अलावा आरजेडी, कांग्रेस और सीपीआई के भी विधायक शामिल थे। नीतीश, लालू, वशिष्ठ नारायण सिंह, लालू यादव जैसे वरिष्ठ नेता तो गाड़ियों से राजभवन पहुंचे, लेकिन अन्य विधायकों ने पैदल ही बिहार के राज्यपाल के आधिकारिक निवास की ओर रुख किया था। राजभवन जाने से पहले नीतीश कुमार के आवास पर जेडीयू के सभी विधायक पहुंचे। यहां उनका पहचान पत्र बनाया गया, जिसे लेकर वे गवर्नर के पास पहुंचे।
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